नारनौल। इन दिनों शहर के विभिन्न मोहल्लों और वार्डों में जगह-जगह बारिश का पानी भरा है। इससे मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। लोग मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए पानी की उचित निकासी और फोगिंग की मांग कर रहें हैं।
नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि फॉगिंग करने का खर्च ज्यादा है, इसलिए केवल उन्हीं स्थानों पर फॉगिंग की जा रही है, जहां मलेरिया और डेंगू के मरीज मिलते हैं या उस स्थान पर जहां स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई हुई है।
भूप कॉलोनी, मेहता चौक, छोटा-बडा तालाब, नई कचहरी के पीछे व गांधी कॉलोनी सहित शहर के प्रमुख बाजारों और मोहल्लों में मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए प्रशासन की तरफ से अभी तक किसी तरह के प्रयास नहीं किए गए हैं। पहले एक या दो बार फॉगिंग की जाती थी, लेकिन इस बार फॉगिंग भी नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है कि दवा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सहारे मच्छरों से बचाव कर रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की हैं कि मच्छरों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जाए।
फॉगिंग के लिए दवा स्वास्थ्य विभाग करवाता है उपलब्ध
शहरी क्षेत्र में नगर परिषद द्वारा और ग्रामीण क्षेत्र में बीडीपीओ द्वारा फॉगिंग का कार्य किया जाता है। फॉगिंग के लिए दवा स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाता है। नागरिक अस्पताल के डीएमओ डॉ. मनीष का कहना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में फॉगिंग के लिए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं और नगर परिषद और बीडीपीओ की डिमांड आने पर दवाएं उपलब्ध करवा दी जाती हैं।
नाली और बारिश के पानी का उचित निकास नहीं होने के कारण दूषित पानी हमेशा सड़क पर जमा रहता है। जिस कारण मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। मच्छरों को मारने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदा हुआ है और दवा का इस्तेमाल कर मच्छरों से बचाव कर रहें हैं। प्रशासन से अपील है कि मच्छरों से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जाए, ताकि लोगों को मच्छरों के प्रकोप से राहत मिल सके।
बाबूलाल, मोहल्ला मीराजी
सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और नालों की सफाई नहीं की गई है। जिस कारण नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। गत वर्षों में एक से दो बार फॉगिंग की जाती थी, लेकिन इस साल अभी तक फॉगिंग नहीं की गई है। प्रशासन से अपील हैं कि मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग की जाए।
भूपेंद्र सिंह, प्राणपुरा
नगर परिषद द्वारा कई स्थानों पर फॉगिंग का कार्य किया गया है। फॉगिंग के कार्य में खर्च बहुत अधिक आता है, इसलिए केवल उन्हीं स्थानों पर फॉगिंग का कार्य किया जा रहा है, जहां पर मलेरिया या डेंगू के मरीज मिले हैं या फिर जहां मच्छरों का आतंक बना हुआ है। अगर किसी स्थान पर मच्छरों की वजह से समस्या हो रही है तो फॉगिंग करवाने के लिए नगर परिषद में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
प्रवीण कुमार, जेई, नगर परिषद नारनौल।
फोटो- 11छोटा बड़ा तालाब के पास सड़क पर जमा बरसाती पानी। संवाद
फोटो- 11छोटा बड़ा तालाब के पास सड़क पर जमा बरसाती पानी। संवाद
फोटो- 11छोटा बड़ा तालाब के पास सड़क पर जमा बरसाती पानी। संवाद