कनीना। मुख्यमंत्री द्वारा वीरवार को वर्चुअल माध्यम से गांव दौंगड़ा में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का उद्घाटन तो कर दिया लेकिन अभी भी केंद्र में बिजली पानी के कनेक्शन तक नहीं हैं। 30 हजार की आबादी को बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने की जिम्मेदारी निभाने वाले इस केंद्र पर अभी तक मूलभूत सुविधाएं भी जिम्मेदारों द्वारा नहीं जुटाई गई हैं। 3.95 करोड़ की लागत से तैयार प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में न तो पानी की सुविधा है और न ही बिजली की सुविधा है। मूलभूत सुविधाओं की कमी के रहते इस तरीके से प्राथमिक चिकित्सा केंद्र कार्य कर पाएगा। दस हजार वर्ग फुट क्षेत्रफल में बनाया गए इस भवन में स्टाफ का भी अभाव है। वहीं महिला चिकित्सक की अभी नियुक्ति नहीं होने से डिलिवरी तक नहीं हो पाएंगी। इसमें चिकित्सकों के आवास के लिए दो भवन तथा चार भवन स्टाफ के लिए बनाए गए हैं।
यह है स्टाफ की स्थिति
वर्तमान में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में 2 मेडिकल ऑफिसर, 2 स्टाफ नर्स, दो एएनएम, एक महिला स्वास्थ्य निरीक्षक, एक हेल्थ इंस्पेक्टर, एक सफाई कर्मचारी, एक वार्ड सहायक, एक गार्ड, एक लैब टेक्नीशियन, एक एमपीएचडब्ल्यू के पद सृजित है जिसमें से एक वार्ड सहायक, एक गार्ड, एक लैब टेक्नीशियन के पद अभी भी रिक्त हैं। प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में पर्याप्त मात्रा में कमरे बनाए गए हैं ताकि डॉक्टर तथा स्टाफ को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसमें डिलिवरी रूम एक्स रे मशीन कक्ष, जांच कक्ष, ओपीडी कक्ष, वेटिंग कक्ष, रसोई तथा शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में मुहैया करवाई सभी प्रकार की सुविधाएं
चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम ने बताया कि दौंगड़ा अहीर में पीएचसी से 30 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में प्राथमिक जांच केंद्र में 50 ओपीडी प्रतिदिन आ रही हैं। नए भवन में बिजली व पानी का कनेक्शन नहीं है जिसके लिए फाइल लगाई हुई है। तब तक किसी भी मरीज व अस्पताल परिसर के किसी भी कर्मचारी व अधिकारी को दिक्कत न हो जिसके लिए ठेकेदार के माध्यम से सेवाएं ली जा रही हैं। पानी का नल व पुराने भवन के कनेक्शन को प्रयोग में लिया जा रहा है। इस प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के साथ लगते 5 से 10 किलोमीटर के क्षेत्र में मुंडिया खेड़ा व 5 से 10 किलोमीटर क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा केंद्र सीहमा भी बना हुआ है। अस्पताल परिसर में एक्स-रे कक्ष भी बनाया हुआ है हालांकि एक्सरे मशीन व रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। वर्तमान में मुंडिया खेड़ा में भालखी को इस अस्पताल से जोड़ा गया है। प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के अंतर्गत 30 हजार की आबादी होती है और आसपास के गांव को जोड़ने के लिए मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। लगभग दस हजार वर्ग फीट के कवर एरिया में बने भवन में 2 डॉक्टर क्वार्टर तथा 4 स्टाफ क्वार्टर भी बनाए गए हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए यहां पर नए भवन में भी कोई सुविधा नहीं है। गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए नारनौल में रेवाड़ी के चक्कर लगाने पड़ते हैं जो कि यहां से बहुत दूर है। उम्मीद थी कि प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के नए भवन में इस तरीके की सुविधा मिलेगी लेकिन अभी तक प्राथमिक चिकित्सा केंद्र परिसर में इस तरीके की कोई भी सुविधा नहीं है।
-ग्रामीण सुदेश
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प्राथमिक चिकित्सा केंद्र का नया भवन देखने में बहुत सुंदर है सरकार से निवेदन है कि यहां पर जिस तरीके का सुंदर भवन बनाया है उसी तरीके से यहां पर चिकित्सकों व दवाइयों की कमी नहीं आनी चाहिए। अस्पताल परिसर में वर्तमान में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है।
-ग्रामीण राजकुमार यादव।
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अस्पताल परिसर में एक्स-रे रूम तो बना दिया गया है लेकिन न तो यहां पर रेडियोलॉजिस्ट है और न ही उसको संभालने वाला कोई अधिकारी व कर्मचारी अस्पताल परिसर में ईसीजी मशीन की भी व्यवस्था नहीं है। इस तरह के बिल्डिंग खड़ी करने से कुछ नहीं होता उस में सुविधाएं भी देनी चाहिए।
-ग्रामीण सतीश कुमार।
दौंगड़ा अहीर का नया भवन देखने पर लगता है कि इसमें बहुत सारी सुविधाएं होंगे लेकिन वर्तमान में यहां अस्पताल परिसर में न तो बिजली की व्यवस्था है, न ही पानी की व्यवस्था है सरकार विकास के नाम पर उद्घाटन तो करवा रही है लेकिन उसके साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं के ऊपर ध्यान नहीं दे रही है।
-महेंद्र सिंह, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र
प्राथमिक चिकित्सा केंद्र के नए भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्चुअल माध्यम से वीरवार को किया था। आमजन को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। जिस भी वस्तु की आवश्यकता होगी उसका डिमांड बनाकर आगे भेजा जाएगा।
- डॉ. विक्रम, अधिकारी, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, दौंगड़ा अहीर।