कनीना। कनीना व दौंगड़ा अहीर क्षेत्र के गांवों में बाजरे की फसल में कोई कीड़ा नुकसान पहुंचा रहा है। कृषि विभाग की ओर से अभी तक इसके नियंत्रण के कोई उपाय नहीं किए जाने से किसानों में नाराजगी है।
बीआरडी एफपीओ के निदेशक इंजीनियर अशोक यादव का कहना है कि उनकी फसल बहुत अच्छे से खेतों में लहलहा रही है। क्षेत्र में बाजरे की खेती प्रमुखता से की जाती है। इस साल अज्ञात कीड़ा किसानों के लिए बड़ी आफत बन गया है, लेकिन अब कीड़े का प्रकोप होने के कारण सारी फसल नष्ट हो गई। जिससे किसान सड़क पर आने को मजबूर हो रहे हैं। यह कीड़ा बाजरे की सीटों पर लगा हुआ है जो पूरी तरह से सीटों को खा रहा है। कृषि अधिकारी स्प्रे करने की बात कर रहे हैं लेकिन बाजरे की फसल की लंबाई बहुत ज्यादा है इस वजह से स्प्रे नहीं हो सकता। जिला प्रशासन को चाहिए कि ड्रोन की सहायता से बाजरे के खेतों में स्प्रे करवाई जाए।
किसान शेर सिंह ने बताया कि क्षेत्र के गांव कलवाड़ी, दौंगड़ा जाट, मुंडिया खेड़ा, खैराना, बेवल, भालखी, अटाली, दौंगड़ा अहीर सहित अनेक गांवों में यह रोग ज्यादा दिख रहा है। अब बाजरे करीब 10 फीट लंबा भी हो गया है। यह अज्ञात कीड़े बाजरे के सीटों को चट कर रहा है। खेतों में फसल नष्ट होते देखकर किसान सहमे हुए हैं।
वज्रन
बाजरा, अनाज और पशुओं के चारे के लिए महत्वपूर्ण फसलों में से एक है। बाजरे से सबसे ज्यादा फायदा पशुपालक किसानों को होता है। उन्हें पर्याप्त मात्रा में सूखा एवं हरा चारा मिल जाता है। साथ ही अनाज की भी अच्छी पैदावार हो जाती है। बाजरा किसानों के लिए आफत बनते जा रहे इस रोग की रोकथाम के लिए सरकार को उपाय करने चाहिए ताकि फसल की अच्छी पैदावार ली जा सके।
राजकुमार यादव, बीआरडी एफपीओ के निदेशक एवं कृषि विशेषज्ञ।
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