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बाजरे की अगेती फसल चढ़ी बरसात की भेंट

Thu, 01 Sep 2016 10:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कनीना। क्षेत्र में बिजाई की गई बाजरे की अगेती फसल बरसात की भेंट चढ़ गई है। बरसात का पानी फसल में खड़ा होने तथा हवा चलने से बाजरे की फसल गिर पड़ी है। जिसके खराब होने की संभावना बढ़ गई है। अधिकांश किसानों ले अपनी फसल का बीमा करवाया हुआ है लेकिन खराब फसलों का सर्वे व बैंक की ओर से किया जा रहा है तथा ना ही बीमा ऐजेंसी की ओर से किया जा रहा है। इससे किसान परेशान हैं। केमला के किसानों ने बताया कि विभिन्न बीमा कंपनीयों के माध्यम से फसलों का बीमा करवाया हुआ है जिसका प्रीमियम केसीसी तथा बैंक खाते के माध्यम से विभिन्न बैंक शाखाओं से अदा किया गया था। क्षेत्र के कुछ किसानों ने एसडीएम कनीना को पत्र देकर खराब हुई बाजरे की फसल के मुआवजे की मांग की है। कनीना मंडल के भाजपा प्रधान हनुमान सेहलंगिया ने बताया कि बरसात का पानी खेतों में खड़ा रहने से फसलों में नुकसान की संभावना बन गई है। उन्होंने अधिकारियों से गिरदावरी कर रिपोर्ट देने को कहा है। कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा, खेड़ी, तलवाना, सेहलंग, गुढा, केमला के किसानों ले अगेती बिजाई की गई बाजरे की फसल कटाई की तो उसी दौरान बरसात हो गई। इस बरसात में बाजरे की कटी हुई फसल भीग गई। जिससे उसके खराब होने की संभावना बन गई। पानी में भीगी फसल को लेकर किसानों ने एसडीएम कनीना को शिकायत पत्र देकर फस्लों की गिरदावरी कर मुआवजे की मांग की। एसडीएम संदीप सिंह ने पत्र तहसीलदार को भेजकर तत्काल फसलों का अवलोकन कर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार की ओर से कुछ गांवों में पहुंचकर बाजरे की फसलों का अवलोकन भी किया गया। इस बारे में कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि कनीना खंड में करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल खड़ी है। बरसात के कारण बाजरे की अगेती फसलों को कुछ हद तक नुकसान की संभावना है।
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