महेंद्रगढ़। गांव जांजड़ियावास में निक्षय शिविर लगाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चंद्रपाल और स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा ने 110 मरीजों की जांच की। इनमें नौ संभावित टीबी मरीजों के बलगम के नमूने लेकर जांच के लिए नांगल सिरोही प्रयोगशाला भेजे गए। शिविर में बुजुर्गों, टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों तथा शुगर व बीपी मरीजों की जांच कर दवाइयां दी गईं। डॉ. चंद्रपाल ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना और शरीर पर गांठ टीबी के लक्षण हो सकते हैं। संवाद