नारनौल। इन दिनों मरीजों को नागरिक अस्पताल में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले एनएचएम कर्मी हड़ताल पर चले गए, इसके बाद एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इसकी वजह से कई प्रकार की जांच प्रभावित हो रही हैं। वहीं मरीजों को समय पर एंबुलेंस सेवा भी नहीं मिल रही है।
अब एचआईवी की जांच करवाने के लिए मरीजों को बाहर से जांच करवानी पड़ रही है। इनमें सबसे ज्यादा गर्भवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्याेंकि सिजेरियन व सामान्य डिलीवरी से पहले एचआईवी की जांच जरूरी है। ऐसे में अब बाहर से महंगी दर पर जांच करवा रहे हैं। इसके अलावा हड़ताल की वजह से नागरिक अस्पताल में एचआईवी संबंधित दवा लेने के लिए आने वाले मरीजों को दवा भी नहीं मिल रही है। यह दवा बाहर मेडिकल स्टोर में बहुत कम मिलती है और महंगी भी है। ऐसे में गरीब मरीज के लिए नियमित उपचार लेना मुश्किल हो रहा है।
एचआईवी की जिले में 250 से 300 प्रतिदिन होती थी जांच
एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से प्रतिदिन 250 से 300 जांच प्रभावित हो रही है। अगर कोई एचआईवी की जांच बाहर करवाता है तो उसे 400 रुपये की फीस देनी होती है। एचआईवी की जांच में मरीज पॉजिटिव पाया जाता है, उसकी दो से तीन बार जांच होती है। इसकी वजह से एक व्यक्ति पर दो हजार रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
ऑपरेशन व प्रसव के लिए जरूरी है जांच
प्रसव से पहले एचआईवी की जांच करवानी जरूरी है। इसके अलावा फैमिली प्लानिंग के लिए होने वाले ऑपरेशन से पहले भी एचआईवी की जांच जरूरी है। ऐसे में सभी प्रकार की जांच से पहले एचआईवी की जांच जरूरी है, इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाती है।
एचआईवी मरीजों को नहीं मिल पा रही दवा
एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एचआईवी संक्रमित मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। ऐसे मरीजों को नियमित दवा लेनी होती है। अब एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों ने प्रदेश भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे हालात खराब होते जा रहे हैं।
एड्स कंट्रोल सोसाइटी के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में एचआईवी की जांच नहीं हो रही है तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा मरीजों को दवा के लिए भी परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
डॉ. सर्वजीत थापर, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल नारनौल।