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Raksha bandhan 2023: सरकार की निशुल्क बस यात्रा शुरू, बूथों पर बसें नहीं होने से यात्री परेशान

Tue, 29 Aug 2023 03:13 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल/सोनीपत (हरियाणा)

सार

हरियाणा सरकार ने रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनों के बस फ्री करने का एलान किया था। लेकिन नारनौल में महिलाओं की भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने बसों का प्रबंध नहीं किया हुआ था। एक-दो किसी भी बूथ को छोड़कर किसी भी बूथ पर बसे नहीं लगी हुई। 
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बस स्टैंड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा सरकार ने मंगलवार से रक्षाबंधन पर 12:00 बजे से निशुल्क बस यात्रा की शुरुआत कर दी। निशुल्क बस यात्रा के शुरू होते ही यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को बसों की कमी खलती हुई नजर आई। नारनौल बस अड्डे पर 12:00 बजे से ही यात्रियों खासतौर पर महिलाओं की बहुत ज्यादा भीड़ थी। महिलाओं की भीड़ को देखते हुए रोडवेज ने बसों का प्रबंध नहीं किया हुआ था।

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प्राइवेट बस इक्का-दुक्का नजर आई
एक-दो किसी भी बूथ को छोड़कर किसी भी बूथ पर बस नहीं लगी हुई। इसके अलावा प्राइवेट बस भी इक्का-दुक्का ही नजर आई। ऐसे में पूरा भार रोडवेज के ऊपर नजर आया। बस स्टैंड पर जो बसें लगी हुई थी, वह आते ही यात्रियों से पूरी भर रही थी। हालांकि रोडवेज प्रशासन ने दावा किया था कि सभी 127 बजे निर्धारित रुट पर चलाई जाएंगी लेकिन पहले भी नहीं रोडवेज के दावे फेल होते हुए नजर आए।

टिकट नंबर देते दिखाई दिए कर्मचारी
सरकार ने रक्षाबंधन को देखते हुए बसों में महिलाओं और बच्चों की यात्रा फ्री की हुई है। काउंटर पर बस परिचालक बस के सीट के नंबर काटते हुए नजर आए। इसके चलते दिल्ली, गुड़गांव, हिसार जाने वाले यात्रियों को लाइन में लगकर पुरुष यात्री टिकट और महिला यात्री सीट नंबर लेते हुए नज़र आये।

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रोडवेज के साथ ही सहकारी समितियों की बसों में भी दी जा रही है निशुल्क यात्रा की सुविधा

रक्षाबंधन पर्व को लेकर बसों में निशुल्क यात्रा की शुरुआत होते ही बस अड्डे से रोडवेज की बसें ही गायब हो गई। विभिन्न रूटों पर जाने वाले यात्री बूथों पर खड़े होकर बसों का इंतजार करते रहे। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। रोडवेज के साथ ही सहकारी समितियों की बसों को भी विभिन्न रूटों पर भेजा जा रहा है। 

बस अड्डे पर यात्रियों की भारी भीड़ रही, लेकिन बसों की कमी के चलते यात्रियों को  बस आने का लंबा इंतजार करना पड़ा। हालात यह रहे कि जिस भी रूट की बस आती, वह बूथ पर लगने से पहले ही भर जाती। बस के अंदर सीट लेने को लेकर झगड़े तक होते रहे। दोपहर 12.30 बजे दो-तीन बूथ को छोड़ दें तो किसी भी बूथ पर बस नहीं लगी थी। सहकारी समितियों की बसें भी नाममात्र ही थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सभी बसें यात्रियों को लेकर सुबह ही रवाना हो गई थी। जबकि निशुल्क यात्रा की सुविधा दोपहर 12 बजे से शुरू हुई थी। 

लंबे रूटों की बसों को लोकल रूटों पर चलाया
रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि बस डिपो में मौजूद 120 बसों को विभिन्न रूटों पर रवाना किया गया। जो बसें लंबे रूटों पर जाती थी, उन्हें भी दो दिन के लिए लोकल रूटों पर ही लगाया गया है, ताकि महिला यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सके। हालांकि दोपहर 12:30 बजे तक बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ रही। किसी यात्री ने कहा कि वह पौने घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं तो किसी ने कहा कि एक घंटे से अधिक समय से बस नहीं आई। 

बूथों पर देते रहे सीट नंबर
सबसे अधिक भीड़ दिल्ली, पानीपत व रोहतक रूट पर नजर आई। दिल्ली रूट पर यात्री टिकट के लिए लाइन में लगे रहे। जिन्हें सीट नंबर दिया जा रहा था। बूथ पर बैठे कर्मचारी ने बताया कि यात्रियों के साथ ही महिलाओं को भी बस में सीट नंबर दिया जा रहा है। जिससे वह आरामदायक सफर कर सकें। 

हरियाणा की सीमा तक ही निशुल्क सफर
रोडवेज विभाग की बसों में सफर करने वाले महिलाओं को सिर्फ हरियाणा की सीमा तक ही निशुल्क बस सेवा उपलब्ध करवाई गई है। हालांकि दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाली महिलाओं को भी फ्री बस सेवा का लाभ मिलेगा, लेकिन उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जाने वाली महिलाओं को किराया वहन करना होगा। इन राज्यों में सफर करने वाली महिलाओं और उनके 15 साल तक के बच्चों को हरियाणा की सीमा से बाहर निकलते ही आगे का टिकट खरीदना पड़ेगा। सोनीपत बस अड्डे से बागपत, मेरठ, बड़ौत, हरिद्वार, देहरादून, जयपुर सहित कई रूटों पर बसें चलाई जाती हैं।
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