नारनौल। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा कि किसी की जमानत देना सिर्फ हस्ताक्षर नहीं, कानूनी जिम्मेदारी है। जमानतदार बनने से पहले शर्तें समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 491 के तहत बंधपत्र की शर्त टूटने पर कार्रवाई होती है। बंधपत्र न्यायालय में दिया गया लिखित वचन है, जिसमें आरोपी को तय तारीख पर पेश करना होता है। शर्त टूटने पर न्यायालय कारण दर्ज कर दंड राशि जमा करने को कहेगा। राशि न देने पर जुर्माने की तरह वसूली होगी। वसूली न होने पर अधिकतम 6 माह तक सिविल जेल भी हो सकती है। एसपी ने अपील की कि दस्तावेज ध्यान से पढ़ें, तारीख की अनदेखी न करें और परेशानी होने पर समय पर न्यायालय को सूचित करें। संवाद