नारनौल। सरकार के आदेश पर जिले के सरकारी स्कूूलों में शीतकालीन अवकाश के दौरान 10वीं और 12वीं बोर्ड कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसी के तहत राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में सुबह दस से 2 बजे तक प्रतिदिन कक्षाएं लग रही हैं। शीतकालीन अवकाश में अतिरिक्त कक्षाएं शिक्षक एवं विद्यार्थी भी अपनी रूचि दिखाई रहे। शिक्षक व छात्र पूरी मे परीक्षा परीणाम को बेहतर बनाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। सरकार ने इसी वर्ष से सीनियर सेकेंडरी स्कूल को मॉडल स्कूल का दर्जा दिया और सीबीएई बोर्ड की मान्यता दिलकार अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्रारंभ की। मॉडल संस्कृति का दर्जा देने के बाद विद्यालय में 250 बच्चों से एक हजार बच्चे हो गए। इस सर्दी में दसवीं व बारहवीं की अतिरिक्त कक्षाएं सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे लगाई जा रही है। सभी कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रखी जाती है और डिजिटल बोर्ड पर बच्चों को पढ़ाया जाता है। इन अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को अध्यापक स्लैबस पूरा करने में जुटे हैं।
सरकार ने आदेश जारी कर दिए अन्यथा हमारे विद्यालय ने तो पहले से ही अतिरिक्त कक्षाओं को लगाने का निर्णय ले रखा था। सभी अध्यापक व छात्र इन अतिरिक्त कक्षाओं में नियमित रूप से आ रहे हैं और मैं स्वयं सीसीटीवी कमैरे के माध्यम से सभी कक्षाओं पर नजर रखता हूं। इस बार हम बेहतर परीक्षा परीणाम लाने के लिए सभी प्रयास कर रहे है जिससे सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों को जो रूझान बढ़ा है वो कायम रहे।
ओमप्रकाश मोरवाल, प्राचार्य- मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल नारनौल।