फोटो नंबर-31भागवत कथा में भजनों पर झूमते श्रद्धालु। स्त्रोत-संस्था
नारनौल। महता चौक स्थित कुटुम्ब पैलेस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्री कृष्ण की माखन चोरी की लीला का प्रसंग सुनाया गया।
आचार्य बजरंग शास्त्री ने भागवत कथा का प्रवचन करते हुए बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म संसार के मरण धर्मा लोगों को शिक्षा देने और दुष्टों के संहार एवं संतों ब्राह्मणों की रक्षा के लिए हुआ। उन्होंने बताया जब जब धर्म की हानि होती है और अधर्म को बढ़ावा मिलता है, तब -तब प्रभु विभिन्न अवतार लेकर पृथ्वी पर आते हैं। आचार्य ने श्री कृष्ण की पावन माखन चोरी की लीला का भी बहुत सुंदर वर्णन किया और माखन चोरी की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि कृष्ण जी ने यमुनाजी को विषैला करने वाले काली नाग का भी मानमर्दन किया। महाराज ने बताया की मनुष्य को दुख में ज्यादा घबराना नहीं चाहिए और सुख में अधिक फूलना नहीं चाहिए। जिसके जीवन में सुख और दुख नही है वो जीवन ही नही हैं। हमें प्रत्येक स्थिति में भगवान को याद रखना चाहिए।