महेंद्रगढ़। गांव देवनगर में चल रहे आठ दिवसीय आर्यवीर दल आवासीय शिविर के चौथे दिन बच्चाें द्वारा करवाया गया। नाड़ी विशेषज्ञ वैद्य डॉ. बीरेंद्र आर्य ने शिविरार्थियों को बताया कि आयुर्वेद का लक्ष्य केवल रोगी का उपचार करना नहीं है बल्कि आयुर्वेद प्रत्येक व्यक्ति को रोगी होने से बचना ही चाहता है।
गांव के सरपंच कृष्ण कुमार आर्य, राजेश कुमार आर्य, इंद्रजीत ने बताया कि बुधवार को आयुर्वेद विज्ञान, प्राकृतिक जीवनशैली पर प्रसिद्ध नाड़ी विशेषज्ञ वैद्य डॉ. बीरेंद्र आर्य ने तथा मानव शरीर विज्ञान एवं कार्यप्रणाली विषय पर राजकीय अस्पताल सतनाली के मेडिकल अधिकारी डॉ. पंकज ने बौद्धिक सत्र लिए। मनोविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. सूर्यकांत ने बच्चों को उनके जानने योग्य मनोविज्ञान के मूलभूत पहलुओं से अवगत कराया।
डॉ. पंकज ने बताया कि केवल मात्र शारीरिक स्वास्थ्य को ही संपूर्ण स्वास्थ्य नहीं समझना चाहिए। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक स्वास्थ्य, आध्यात्मिक स्वास्थ्य की संपूर्ण समग्रता स्वास्थ्य कहलाती है। उन्होंने शिविरार्थियों को चेतन, अवचेतन, अचेतन मन के विषय को उदाहरण सहित समझाया।
निलेश मुदगल ने बताया कि शिविर में विभिन्न विषयों के वरिष्ठ, अनुभवी, योग्य तथा कुशल व्यक्तित्वों के माध्यम से शिविरार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। शिविरार्थी न केवल अध्यात्म विद्या, अपनी संस्कृति की वैज्ञानिकता, अपने महापुरुषों के जीवन चरित्र, योग - यज्ञ आदि विषयों को पढ़ रहे हैं अपितु साथ ही अंग्रेजी में वार्तालाप, संस्कृत संभाषण, वैदिक गणित, एनाटोमी-फिजियोलॉजी जैसे विषयों का भी मूलभूत ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।