रेवाड़ी। साइबर अपराधी आसान और तुरंत लोन का लालच देकर फर्जी ऐप के जरिए ठगी और ब्लैकमेल कर रहे हैं। ठग सोशल मीडिया विज्ञापन, व्हाट्सएप संदेश, एसएमएस और संदिग्ध लिंक से फर्जी लोन ऐप डाउनलोड करवाते हैं। ऐप इंस्टॉल करने के बाद कांटेक्ट सूची, फोटो, कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन की अनुमति मांगी जाती है। लोग लोन के लालच में अनुमति दे देते हैं और निजी जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती है। एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि ठग पहले छोटी राशि देकर भरोसा जीतते हैं। बाद में भारी ब्याज और शुल्क के नाम पर भुगतान का दबाव बनाते हैं। रकम न देने पर परिचितों को फोन करने और निजी तस्वीरों के दुरुपयोग की धमकी देते हैं। संवाद