संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। नेशनल हाईवे 152डी पर जाट गुवाना टोल प्लाजा के प्रबंधक ने गलत फास्टैग लगाकर टोल प्लाजा से संचालित हाेने पर एक ट्रॉला चालक और मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी करने की शिकायत सदर थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने प्रबंधक की शिकायत पर गाड़ी चालक के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में चितौड़गढ़ निवासी देवीलाल ने बताया कि वह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी पर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। पिछले करीब चार माह से मल्टी एक्सल गाड़ी की चेसिस पर कार का फास्टैग लगाकर टोल प्लाजा से संचालित हो रही है। धोखाधड़ी कर गाड़ी चालक ने उन्हें करीब दो लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया है। मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने गाड़ी मालिक व चालक गोहाना निवासी राजेश के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
चेसिस पर लगाया था फास्टैग, नंबर प्लेट पर लटकाया था जुता
टोल प्रबंधन ने शुरुआती जांच की तो सामने आया कि ट्रॉले की चेसिस पर कार का फास्टैग लगाया गया था। यही नहीं नंबर प्लेट पर जूता लटकाया हुआ था, ताकि नंबर प्लेट न दिखे।
ट्रॉले के एक साइड के लगते हैं 890 रुपये, कार के 170 रुपये
ट्रॉला चालक जाट गुवाना टोल से भैंसी टोल तक जाता था। इसका एक तरफ का टोल 890 रुपये लगता है, जबकि चालक ने कार का फास्टैग लगाया हुआ था, जिस कारण उसके फास्टैग से केवल 170 रुपये कटते थे। हर चक्कर पर टोल को 720 रुपये और दोनों तरफ के लगभग 1440 रुपये का नुकसान हो रहा था। ज़ब टोल मैनेजर ने बारीकी से जांच की तो सारा मामला सामने आया।
सीसीटीवी और अन्य टेक्निकल जानकारी से मामला पकड़ में आया है। शातिर तरीके से धोखाधड़ी की गई है। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। चार माह से यह खेल हो रहा था। लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
देवीलाल खोईवाल, मैनेजर, जाट गुवाना, टोल, 152डी।