नारनौल। आरपीएफ के तीन कर्मियों और उनके एक रिश्तेदार के खिलाफ सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इन पर आरोप हैं कि लॉकडाउन का उल्लंघन किया है। बता दें कि आरपीएफ के तीन जवानों को अपने-अपने घर जाना था। इसके लिए उन्होंने तीन दिन पहले दिल्ली की एक निजी लैब में कोरोना वायरस की जांच कराई थी। इसके बाद तीनों नारनौल पांच मई को पहुंचे। इसमें एक वुहान राजस्थान, एक चरखी दादरी और पास के गांव का नारनौल का है। तीनों हुडा सेक्टर के न्यु हाउसिंग बोर्ड के एक फ्लैट में रुके थे। जिसमें दो की रिपोर्ट वीरवार को पॉजिटिव थी। इसके बाद तीनों दोपहर में जीएच में सैंपल देने पहुंचे। जहां पर तीनों जवानों, एक युवक व एक जवान के ससुर का सैंपल लिया। इसके बाद पांचों का आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। इसके बाद दमकल की गाड़ी की मदद से हाउसिंग बोर्ड को सैनिटाइज किया गया। तीनों जिस कमरे में ठहरे हुए थे, उसमें दवा का छिड़काव किया गया। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड के प्रमुख रास्तों को सील कर दिया गया था और पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
पॉजिटिव होने की रिपोर्ट छिपाई
आरोप है कि तीनों जवानों बुधवार को जांच के लिए जीएच में पहुंचे थे। जीएच में कोविड-19 की सैंपलिंग हो गई थी। इसलिए उन्हें वीरवार को बुलाया गया। इसी बीच उनके एक रिश्तेदार ने उनकी जांच न करने की बात सोशल मीडिया में फैला दी। इस पर जीएच प्रबंधन हरकत में आया और तीनों से पूरे मामले की जानकारी ली तो पता चला कि उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। तीनों एक निजी लैब से जांच कराई है। इसके बाद विभाग कार्रवाई में जुटा। सूत्रों के अनुसार जवानों को निजी लैब पर भरोसा नहीं था। ऐसे में जीएच में बिना कोरोना के मरीज बताए जांच कराने की फिराक में थे। दूसरी ओर तीनों जवान दिल्ली से कार में घर आए। इसके बाद तीनों खुद को क्वारंटीन के लिए अपने एक रिश्तेदार के फ्लैट में रूके। जबकि लॉकडाउन में एक-दूसरे राज्यों में आने-जाने पर रोक है। ऐसे में जवानों ने सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने और लॉकडाउन तोड़ने का आरोप है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि चार पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।