नारनौल। फिल्म अभिनेता व निर्देशक सतीश कौशिक का कनीना गांव के धनौंदा से नाता रहा है, लेकिन धनौंदा गांव में आने के कारण उनकी जानकारी यहां के कुछ लोगों से भी हो गई थी। इनमें अटेली के पवन बाछोदिया भी शामिल है। पवन बाछौदिया ने बताया कि अभिनेता जिस प्रकार फिल्मों में हंसमुख रूप में आते थे, वे वास्तव में भी उसी प्रकार के व्यक्ति थे। पवन ने बताया कि अटेली गांव में महासर वाली माता उनकी कुलदेवी हैं। वे यहां जब भी आते थे तो यहां माथा टेकने जरूर जाते थे।
पवन बाछोछिया ने बताया कि उनकी प्रथम मुलाकात सतीश कौशिक से सन 2007 में हुई थी। उस दौरान उन्होंने अपने जनसेवा मंडल जिसके वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, के बैनर तले अटेली कस्बे में उनका सम्मान समारोह आयोजित किया था। इस समारोह के बाद सतीश कौशिक से उनकी काफी नजदीकियां बढ़ गई थीं। बाछोदिया ने बताया कि इसके बाद तो उनका जब भी यहां आना होता तो वे या तो अटेली उनके निवास स्थान पर या फिर उनके पेट्रोल पंप पर अवश्य होकर जाते थे। उन्होंने बताया कि उनके पास आते रहने से ही उन्हें यह पता चला कि अटेली गांव में महासर वाली माता उनकी कुलदेवी हैं, तो उनका लगाव और भी हो गया और जब भी वे यहां आते तो महासर वाली माता के धार्मिक स्थल पर भी माथा टेकने जरूर जाते थे। उन्होंने बताया कि नारनौल के लघु सचिवालय में वे केवल अधिकारियों से अपने गांव में उनके द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों के सिलसिले में जाते थे। पवन ने बताया कि सतीश कौशिक ने यहां के अनेक बच्चों को भी फिल्म इंडस्ट्रीज में मौका दिया। उन्हें हरियाणा फिल्म अकादमी का चेयरमैन भी बनाया हुआ था।