नारनौल। बीते दो माह से गायनी विभाग में चिकित्सकों की कमी के चलते गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन शुक्रवार को चिकित्सा अधीक्षक की मांग पर सिविल सर्जन ने चार महिला चिकित्सकों को गायनी विभाग में डेपुटेशन पर लगा दिया है। ऐसे में अब गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक की देखरेख में अच्छे से स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।
गायनी विभाग में अब 5 चिकित्सक होने से समय पर गर्भवती महिलाओं को उपचार मिल सकेगा। पहले गायनी विभाग में एक-दो चिकित्सक होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बीते एक सप्ताह से चिकित्सा अधीक्षक गायनी वार्ड में रिक्त पदों को भरने की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो गई है।
गायनी विभाग में स्वीकृत सभी 5 पद भरे
सिविल अस्पताल में गायनेकोलॉजिस्ट के पांच पद स्वीकृत है, लेकिन बीते कुछ माह से नियमित महिला विशेषज्ञ नहीं थी। चिकित्सा अधीक्षक की मांग पर सिविल सर्जन ने अन्य जगह से डेपुटेशन पर महिला चिकित्सकों को लगा दिया है।
एनएचएम के तहत सिजेरियन के लिए 2 महिला चिकित्सक भी नियुक्त
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सिजेरियन के लिए भी अब महिला चिकित्सकों को बाहर से नहीं बुलाना पड़ रहा है, क्योंकि बीते माह एनएचएम के तहत 2 गायनेकोलॉजिस्ट को नियुक्त कर दिया गया था। ऐसे में गायनी विभाग व सिजेरियन के लिए चिकित्सकों की नियुक्ति होने पर गर्भवती महिलाओं को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
अस्पताल में गायनोक्लाॅजिस्ट के पांच पद स्वीकृत है। जिन्हें अब डेपुटेशन पर भर दिया गया है। अब गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
-डॉ. कंवर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल नारनौल।
नागरिक अस्पताल में गायनोक्लाॅजिस्ट की कमी चल रही थी। चिकित्सा अधीक्षक की मांग पर डेपुटेशन पर महिला चिकित्सक नियुक्त कर दिए गए है।
डाॅ. रमेश चंद्र आर्य, सिविल सर्जन नारनौल।