नारनौल। किसान संगठन आल इंडिया किसान खेत मजदूर के बैनर तले किसानों व खेत मजदूरों ने खरीफ की फसल बाजरा की जड़ों में सूखा रोग व सिट्टे में लगे कीड़े से खराब होने को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त कार्यालय के सुपरिंटेंडेंट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों को प्रति एकड़ तीस हजार मुआवजा देने तथा खेत मजदूरों को 10 हजार रुपये प्रति परिवार मुआवजा देने की मांग की गई। इस मौके पर एसयूसीआई के जिला सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि बाजरा इस इलाके की मुख्य फसल है। बाजरा की जड़ों में सूखा रोग व सिट्टों में कीड़े लगने से बाजरा की फसल खराब हो गई है। ऐसे में सरकार किसानों व खेत मजदूरों की सुध ले और सरकार अपने खजाने से किसानों व खेत मजदूरों को मुआवजा देकर राहत प्रदान करें। जिला प्रधान कामरेड बलबीर सिंह ने कहा कि बाजरा में सूखा रोग लगने से कई गांवों में किसानों ने जुताई कर खेत के खेत खाली कर दिए है, क्योंकि किसानों की फसल की लागत भी वापस नहीं आ रही है, जिससे किसान बेहद चिंतित हैं। डाॅ. व्रतपाल सिंह ने कहा कि फसल बचाने के लिए किसानों को महंगी दवाओं से लूटा जा रहा है। किसान नेताओं ने मांग की कि किसान और किसानी को बचाए जाने के लिए किसान के लिए संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों व खेत मजदूरों की सहायता के लिए आगे आए। इस अवसर पर अभय सिंह, अमर सिंह, शेर सिंह गणियार, ईश्वर सिंह, ग्यारसी लाल, ओमप्रकाश तायल, सीताराम प्रधान, छाजूराम रावत, मुकेश कुमार व सतीश कुमार उपस्थित रहे।