नारनौल। नई अनाज मंडी में बुधवार को भी किसानों की सुचारू से सरसों की खरीद नहीं हो सकी। हालांकि राहत की बात यह रही कि बुधवार को आने वाले किसानों के टोकन काटे गए, जिससे उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिली। वहीं कुछ ढेरियों में नमी होने और कुछ ढेरियों की सरसों बीते वर्ष की होने की वजह से नहीं खरीदा गया। वहीं सरसों खरीद शुरू नहीं होने से किसानों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि जब 26 मार्च को खरीद शुरू करने की बात कही गई थी तो प्रशासन को इसके लिए पूरे इंतजाम करने चाहिए थे। मंडी में बुधवार को सरसों लेकर पहुंचे कुल ग्यारह किसानों के टोकन काटे गए। टोकन खिड़की पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि एक दिन में एक किसान की 25 क्विंटल सरसों का टोकन काटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी के गेट अंदर जितने भी किसान सरसों लेकर पहुंच जाएंगे, उन सबके टोकन काटे जाएंगे, लेकिन अभी किसान कम आ रहे हैं। वहीं सरसों खरीद को लेकर हैफेड के अधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि सरसों खरीद को लेकर बैठक चल रही और जल्द ही एक कमेटी का गठन करके खरीद शुरू करवा दी जाएगी। नई अनाज मंडी में दोपहर तक किसानों की सरसों खरीद शुरू नहीं की गई थी। दोपहर बाद अधिकारियों की ओर से किसानों की मंडी में लाई गई सरसों की जांच भी करवाई गई, जिसमें कुछ कमियां पाई गई और किसानों को उन्हें दूर करने के लिए कहा गया। वहीं मंडी में सुबह से सरसों लेकर आए किसानों का कहना था कि प्रशासन की ओर से सरसों खरीद की कोई तैयारी नहीं है, जिसके कारण अभी खरीद शुरू नहीं की जा रही।
मैं मंडी में सुबह ही अपनी सरसों लेकर आ गया था और हमने टोकन भी कटवा लिया है, लेकिन इसके बाद भी करीब तीन-चार घंटे बीत गए कोई खरीदने के लिए टीम नहीं आई। अगर खरीद शुरू नहीं हुई तो बहुत ज्यादा परेशानी होगी। बस अब इंतजार में अपनी सरसों लेकर बैठे हुए है।
अनूप सिंह, किसान ढाणी बाठोठा।
प्रशासन की ओर से 26 मार्च को सरसों की खरीद का समय दे रख था। हम मंडी में पहले ही एक दिन देरी से आए हैं। अब हमारा टोकन तो कट गया, लेकिन मंडी में खरीद करने के लिए टीम नहीं पहुंची है। प्रशासन को जल्द ही इसकी व्यवस्था करके खरीद शुरू करवानी चाहिए नहीं तो किसान कब तक मंडी में बैठा रहेगा।
देवेंद्र, किसान नांगल काठा।
पिछले साल की 6 ढेरियों को बुधवार को नहीं खरीदा गया है। वहीं 4 में ढेरियों में ज्यादा नमी होने की वजह से खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। अब सुचारू रूप से सरसों की खरीद की जाएगी।
रोशनलाल, मैनेजर कोऑपरेटिव सोसायटी नारनौल।