महेंद्रगढ। किसान रबी सीजन की प्रमुख फसल सरसों की बिजाई के लिए डीएपी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं। महेंद्रगढ़ केंद्र पर पिछले तीन दिनों से खाद नहीं है और किसान दिनभर पूछताछ कर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। हर साल बिजाई के सीजन में किसानों को खाद के लिए लाइन में भी धक्का-मुक्की करना पड़ रहा है।
परेशानी के बावजूद भी जिम्मेदार समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने में नाकाम रहे हैं। इस समय जिले में ढाई लाख डीएपी बैग खाद की आवश्यकता है, लेकिन मांग के अनुसार एक चौथाई खाद भी नहीं मिल पाई है। किसान खाद लेने के लिए कभी लाइनों में लगते है तो कभी खाद केंद्रों में खाद के बारे में पूछताछ कर खाली हाथ लोटने को मजबूर हैं। पर्याप्त खाद न होने से किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं। खाद के अभाव में सरसों की बिजाई प्रभावित होने का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे किसानों को खाद समय पर नहीं मिलने के कारण सरसों की बिजाई में देरी हो सकती है।
महेंद्रगढ़ जिले में करीब 2.40 लाख एकड़ में सरसों की बिजाई की जानी है। ऐसे में जिले में करीब 2.50 लाख डीएपी के बैग की आवश्यकता होती है, लेकिन अभी तक सरकारी महेंद्रगढ़ खाद केंद्र पर 5850 बैग ही पहुंचे थे जो किसानों को वितरित कर दिए। रेलवे रोड पर सरकारी खाद केंद्र पर पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन किसान खाद के बारे में पूछताछ करने के लिए आते हैं। गोदाम में एक हजार बैग एनपीके खाद आई थी, लेकिन किसान एनपीके खाद में कोई रूचि नहीं दिखा रहे हैं। जिम्मेदारों का दावा है कि जल्द ही खोली में रैक लगने की उम्मीद है। जैसे ही खाद केंद्र पर पहुंच जाएगा किसानों को वितरित किया जाएगा।
सरकारी खाद केंद्र पर आई खाद
छह सितंबर 500 बैग
16 सितंबर 800 बैग
16 सितंबर 500 बैग
17 सितंबर 500 बैग
18 सितंबर 500 बैग
26 सितंबर 650 बैग
30 सितंबर 1000 बैग
सात अक्तूबर 1400 बैग