नारनौल। सिविल अस्पताल के स्टोर कीपर नरेंद्र की मौत के बाद से ही बंद किए गए कमरे से सामान निकालने के मामले में अस्पताल प्रशासन ने एक कर्मचारी को स्पष्टीकरण जारी किया है। स्पष्टीकरण जारी कर कर्मचारी से पूछा गया है कि आखिर किसके कहने पर सामान को बाहर निकाला गया था, जबकि सामान निकालने की प्रक्रिया का काम गठित कमेटी के सामने किया जाना था। कर्मचारी को जल्द से जल्द जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
इस माह में सिविल अस्पताल के स्टोर कीपर नरेंद्र ने कमरे में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका था। परिजनों ने भी जांच की मांग की थी। इसके बाद उस कमरे को ताला लगा दिया गया था, जहां नरेंद्र ने आत्महत्या की थी। इसके कुछ दिनों बाद उस कमरे में बैठने वाले कर्मचारी ने अपना सामान उस कमरे से निकलवा लिया और दूसरे कमरे में शिफ्ट कर दिया, जबकि यह काम अस्पताल प्रशासन द्वारा गठित कमेटी के समक्ष किया जाना था। पिछले दिनों मृतक नरेंद्र के परिजन भी कमरे का ताला खुलवाकर उनका सामान देने की मांग कर रहे थे, लेकिन तत्कालीन एमएस ने नियमों का हवाला देते हुए ऐसा नहीं किया था। बाद में परिजनों ने हंगामा किया तो तत्कालीन एमएस द्वारा सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया था। बाद में परिजनों की मांग पर गठित कमेटी के सामने ताला खोला गया था तो परिजनों ने अपना सामान ले लिया था। इसके बाद अब सिविल अस्पताल प्रशासन ने उस कर्मचारी को स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा है, जिसने कमेटी के सामने की बजाय खुद सामान कमरे से बाहर निकाला था। सिविल अस्पताल के एमएस डॉ. कंवर ने इस मामले में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया और बोला कि कार्रवाई जारी है।