नारनौल। शहरों को जल सुरक्षित बनाने और सभी घरों में कार्यात्मक नल से जल व सीवर कनेक्शन करने के उद्देश्य से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अमृत 2.0 एक महत्वपूर्ण अभियान हरियाणा में चलाया जाएगा। इस संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के निदेशक कम चीफ इंजीनियर राजीव बातीश की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई।
राजीव बातीश ने बताया कि अमृत 2.0 अभियान के तहत जल स्रोत, जल संरक्षण निकायों और कुओं के पुनर्चक्रण, पुन उपयोग करने व बड़े पैमाने पर समुदाय को शामिल करके वर्षा जल संचयन को प्रभावित करके पानी की चक्रीय अर्थव्यवस्था के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा। इस अभियान में विभाग के साथ जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की टीम आईईसी गतिविधियों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचने व उन्हें इस आंदोलन से जोड़ने का कार्य करेंगी। आईईसी गतिविधियों में वार्ड समितियां, निवासी कल्याण संघ, वरिष्ठ नागरिकों, सेवानिवृत कर्मचारियों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों, नागरिक समाज समूहों के साथ-साथ स्कूली छात्र व छात्राओं, युवाओं, मशहूर हस्तियों, ब्रांड एंबेसडर और नगर पार्षदों, वार्ड पंच के साथ-साथ सभी प्रकार के जन प्रतिनिधियों को शामिल करके अभियान को एक आंदोलन में बदलने का कार्य किया जाएगा।
जिले के 5 शहर अमृत 2.0 में शामिल
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि जिला के 5 शहर अमृत 2.0 में शामिल किया गया है। इनमें इस अभियान के माध्यम से हर घर नल से जल, जल संरक्षण व सीवर कनेक्शन प्रदान करने के साथ-साथ आईईसी गतिविधियों के माध्यम से जन आंदोलन के रूप में अभियान की शुरूआत की जाएगी। जिला में नारनौल, अटेली, नांगल चैधरी, महेंद्रगढ़ व कनीना शहर को शामिल किया गया है। जिसमें एक-एक बीआरसी के साथ संबंधित कार्यकारी अभियंता, उपमंडल अभियंता, कनिष्ठ अभियंता व शहर का विभागीय स्टाफ के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।