महेंद्रगढ़। जिले की 15 लाख की आबादी की प्यास बुझाने वाले नहरी विभाग के कर्मचारी एवं उनके 20 परिवार पिछले आठ माह से खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब मंगलवार को उन्होंने कार्यकारी अभियंता के समक्ष समस्या रखी तो उन्होंने अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया और विभाग के एसडीओ सुरेंद्र कुमार जांगड़ा व अन्य कर्मचारियों के साथ गाली-गलाैज भी किया।
इसके विरोध में महेंद्रगढ़ डिवीजन के कर्मचारियों ने कार्यकारी अभियंता के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। धरने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के नारनौल सर्कल व सूक्ष्म सिंचाई विभाग के कर्मचारी भी काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों का कहना है कि बुधवार को सभी कर्मचारी सिंचाई मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव व विभाग के एसई से मुलाकात करेंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती धरना जारी रहेगा।
एकमात्र बोरवेल वह भी आठ माह से ठप
वर्ष 1982 में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के लिए कार्यालय के समीप नहर कॉलोनी बनाई गई थी। इस समय कर्मचारियों के 20 परिवार रह रहे हैं। कॉलोनी बनाते समय कर्मचारियों के परिवार की सुविधा के स्टाफ के लिए एक ट्यूबवेल भी लगाया गया था। इसमें तकनीकी समस्या आने के बाद तुंरत मरम्मत भी करा दी जाती थी। आठ माह से बोरवेल खराब पड़ा है। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी थी। कर्मचारियों की मानें तो उस समय विभाग के अधिकारियों ने ट्यूबवेल की मरम्मत कराने की बजाय पानी की कोई व्यवस्था करने के लिए कहा था। कर्मचारियों का कहना है कि टैंकर के माध्यम से खरीदकर पानी पीने को मजबूर हो गए।
- अधीक्षक अभियंता ने दिया था एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन
विभाग के अधिकारियों ने जनस्वास्थ्य विभाग की लाइन से कनेक्शन लेने की बात कही थी। कर्मचारियों की मानें तो जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रेलवे रोड पर चार इंच की पाइलाइन बिछाई हुई है जिसमें सैकड़ों कनेक्शन जुड़े हुए हैं। कॉलोनी के सभी परिवारों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। समस्या के समाधान के लिए अप्रैल में नहर कॉलोनी की महिलाओं ने विभाग के अधीक्षक अभियंता के समक्ष समस्या रखी थी। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था।
सरकार के लाखों रुपये हो रहे बर्बाद
वर्ष 2023 में करोड़ो रुपये की लागत से विभाग का भवन बनकर तैयार हुआ हैं। इस तीन मंजिला भवन में महेंद्रगढ़ डिवीजन, दादरी डिवीजन व मिकाड़ा विभाग के करीब 30 कर्मचारी बैठकर कार्य करते हैं। पानी के अभाव में करीब 28 लाख रुपये की कीमत से लगा कूलिंग सिस्टम भी खराब होने के कगार पर पहुंच गया है। इसके अलावा 5 लाख रुपये से बने पार्क की हालात भी खस्ता हो चुकी हैं। पौधे भी सूखने लगे हैं।
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वर्जन
विभाग के एसडीओ एवं कनिष्ठ अभियंता से मामले की जानकारी ली है। बुधवार को अधिकारियों व कर्मचारियों को नारनौल कार्यालय बुलाया गया है। कोई भी अधिकारी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं कर सकता। जरूरत हुई तो एक जांच कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
-राजेश कुमार, अधीक्षक अभियंता (एसई), नहरी विभाग, महेंद्रगढ़।