नारनौल। गांव नायन स्थित पीएमश्री विद्यालय में शनिवार को आयोजित जागरूकता संगोष्ठी लू से बचाव को लेकर जानकारी दी। राजकीय आयुर्वेद औषधालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. ललित मोहन जोशी ने बताया कि आयुर्वेद में लू लगने को अंशुघात कहा जाता है। इससे शरीर में पित्त और वात दोष बढ़ जाते हैं जबकि कफ दोष कम हो जाता है। ऐसे में आयुर्वेद शरीर को ठंडा रखने और पित्त को संतुलित करने पर विशेष जोर देता है। इस अवसर पर जगमाल सिंह, अनूप कुमार, प्रदीप कुमार व अनिल कुमार सहित समस्त स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे। संवाद