नारनौल। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 21 से 27 सितंबर तक अंतरराष्ट्रीय बधिर सप्ताह शुरू किया है। इसका उद्देश्य श्रवण बाधित व्यक्तियों की शीघ्र पहचान, जांच व इलाज के लिए जागरूकता बढ़ाना है। सिविल सर्जन अशोक कुमार ने ग्राम सभाओं और विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग रैलियों, बैनर और पोस्टर से लोगों को जागरूक करेगा। नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ रचना ने बच्चों में आवाज पर प्रतिक्रिया न देने या बोलने में देरी जैसे लक्षणों पर ध्यान देने को कहा। समय पर श्रवण जांच आवश्यक है। उन्होंने आनुवंशिक कारण, संक्रमण और अत्यधिक शोर को श्रवण बाधिता का कारण बताया। अशोक कुमार ने कहा कि प्रारंभिक पहचान से बच्चों के भाषा, शिक्षा और सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव कम होते हैं। संवाद