महेंद्रगढ़। नगरपालिका की वित्तीय कमेटी बनाने के लिए शुक्रवार को हुई बैठक हंगामेदार रही। पार्षदों के एक धड़े ने ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने की मांग उठाते हुए हंगामा कर दिया। इसके बाद बैठक से छह पार्षदों को बाहर कर दिया गया। छह पार्षदों ने नई बनाई गई वित्तीय कमेटी पर असंतुष्टि जताते हुए कार्रवाई की मांग कर दी। बैठक में वित्तीय कमेटी के लिए दो पार्षदों का चयन किया जाना था। छह पार्षदों व उप प्रधान द्वारा पर्ची के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया का विरोध किया। उसके बाद बंद कमरे में वोटिंग प्रक्रिया शुरू की गई। बैठक में प्रधान, सचिव व 9 पार्षदों की उपस्थिति में वार्ड नं दो की पार्षद की सरिता राठी व वार्ड नंबर 12 से विष्णु को चुना गया।
सात पार्षदों ने जताई थी दावेदारी
वित्तीय कमेटी के शामिल होने के लिए सात पार्षदों ने दावेदारी जताई थी। इसके बाद आपसी सहमति ना बनने पर चुनाव कराने पर मंथन हुआ। लेकिन छह पार्षदों का एकधड़ा ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराने की मांग पर अड़ा रहा। वाइस चेयरमैन सहित 6 पार्षदों ने ईवीएम से चुनाव कराने की बात कही और चुनाव प्रक्रिया का विरोध किया। इस बात को लेकर बैठक में काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में 6 पार्षदों के बिना ही बंद कमरे में चुनाव प्रक्रिया पूरी कर सरिता राठी और विष्णु कुमार को वित्तीय कमेटी के लिए चुना गया। नगर पालिका सचिव व चेयरमैन ने चुनाव प्रक्रिया को सही ठहराया जबकि नाराज पार्षदों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए और इस को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक शिकायत पत्र भी लिखा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया बिल्कुल गलत तरीके से की गई है। इसको लेकर उच्च अधिकारियों को शिकायत की जाएगी।
शाम चार बजे वित्तीय कमेटी के सदस्यों को लेकर वोटिंग की गई
नगरपालिका की वित्तीय कमेटी में पांच सदस्य शामिल होंगे जिसमें एक नपा प्रधान, उप प्रधान, सचिव और दो पार्षद होंगे। नगर पालिका में 4 बजे वित्तीय कमेटी के सदस्यों को लेकर वोटिंग की गई। कमेटी द्वारा डब्बे में पर्ची बनाकर वोट डालने की तैयारी कर रहे थे। जब वार्ड नंबर 4 से ममता सोनी, वार्ड नंबर 6 से राजेश सैनी, वार्ड नंबर 7 से भतेरी, वार्ड नंबर 2 से रजनेश, वार्ड नंबर 14 सुखबीर ने नपा के प्रधान को ईवीएम से वोटिंग कराने की मांग की लेकिन प्रधान रमेश सैनी ने कहा कि यह इतना बड़ा चुनाव नहीं है जो ईवीएम से कराया जाए। इसको लेकर नाराज पांच पार्षद बाहर आ गए। उसके उपरांत मंजु कौशिक भी बगैर बोट डाले हुए बाहर आ गई। इन पांचाें पार्षदों ने भी आवेदन कर रखा था।
पांच पार्षदों ने नाराज होकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता, निदेशक पालिका कमेटी चंडीगढ़, उपायुक्त नारनौल, डीमएसी नारनौल शिकायत भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने पत्र में कहा कि महेंद्रगढ़ नगरपालिका में वित्तीय कमेटी बनाने के लिए पहली बैठक 12 अप्रैल होनी निश्चित हुई थी। लेकिन बैठक में सर्वसम्मति नहीं होने के कारण वोटिंग के लिए बोला गया था। दूसरी बैठक वित्तीय कमेटी के लिए शुक्रवार को की गई। जिससे पार्षदों ने वोटिंग के लिए ईवीएम के माध्यम से करवाने के लिए कहा गया। इस पर हम पार्षदों को बैठक से बाहर कर दिया गया जिसमें हमने भी अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी। जिसके वोटर्स भी हमारे पास है। पांचों पार्षदों ने निवेदन किया है कि ऐसे तानाशाही रवैये पर सख्त से सख्त कार्रवाई कर बैठक को निरस्त किया जाए और संवैधानिक तरीके से दो पार्षद को नोमिनेट किया जाए।