नारनौल। हर वर्ष नवरात्रों में 9 दिन तक माता की पूजा की जाती है, लेकिन इस बार 10 दिनों तक नवरात्र महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि अगर किसी तिथि का मान साठ घटी से अधिक होता है तो वह अगले दिन सूर्योदय के बाद तक भी व्याप्त रहती है, इसे ज्योतिष शास्त्र में तिथि की वृद्धि होना कहा जाता है। इस बार तृतीया तिथि की वृद्धि हो रही है। नवरात्र में तिथि की वृद्धि होना बहुत ही शुभ माना जाता है। शास्त्रों के मतानुसार अगर नवरात्र में तिथि वृद्धि होती है तो मां भगवती की कृपा से अन्न- धन और व्यापार में भी खूब बढ़ोतरी होती है।3 अक्तूबर 2024 को आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवरात्र का शुभारंभ होगा जो 12 अक्तूबर आश्विन शुक्ल पक्ष नवमी को संपन्न होंगे।