नारनौल। पश्चिमी विक्षोभ के चलते जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रातभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। इस दौरान बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 3.7 डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई। इससे मौसम में ठंड घुलने से लोगों को सर्दी का अहसास होने लगा है। शुक्रवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 31.8 और न्यूनतम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वीरवार को अधिकतम तापमान 33.5 और न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन का तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर चल रहा है। इससे केवल सुबह व शाम ही लोगों को हल्की ठंड का अहसास हो रहा था, मगर वीरवार रात और शुक्रवार सुबह हुई बूंदाबांदी के बाद मौसम में ठंडक घुल गई है। इससे लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है। वहीं लोग गर्म वस्त्र पहने हुए नजर आने लगे हैं।
इसके अलावा पिछले दिनों से वायु प्रदूषण के कारण बढ़ रहे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में भी कमी आई है। इससे लोगों को कुछ राहत मिली है। हालांकि दीपावली पर आतिशबाजी के बाद दोबारा से वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गत दिनों नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 310 पर पहुंच गया था। इसके चलते लोगों को आंखों में जलन व दमा के मरीजों को सांस लेने दिक्कत का सामना करना पड़ा, मगर मौसम बदलाव से एक्यूआई में कमी आई है। शुक्रवार शाम 5 बजे नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 दर्ज किया गया।
नारनौल में 9 मिलीमीटर हुई बारिश
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की वजह से वीरवार को दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवातीय सर्कुलेशन बना। इसकी वजह से जिला में बादलों ने डेरा जमा लिया और तेज गति से हवाएं चलने व रुक-रुक कर रात, सुबह और दोपहर को बूंदाबांदी की गतिविधियां दर्ज की गईं। पिछले 24 घंटों के दौरान जिला में नारनौल में 9.0 मिलीमीटर, महेंद्रगढ़ 10.5, अटेली में 8.0, सतनाली में 8.0, नांगल चौधरी और निजामपुर में 8.5 मिलीमीटर तथा कनीना में 8.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। आने वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आंशिक बादलवाही दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज होगी और वातावरण में नमी की वजह से कोहरे का असर देखने को मिलेगा।
बूंदाबांदी से बाजारों में फैला कीचड़, लोगों को हुई परेशानी
रातभर और सुबह के समय बूंदाबांदी से बाजारों में कीचड़ बन गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि धनतेरस होने के कारण शुक्रवार को बाजारों में लोगों की भारी भीड़भाड़ रही। इससे बाजार की सड़कों पर कीचड़ के रूप में गंदगी बनी रही। इस दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।