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Narnaul: सरसों की फसल में 90 प्रतिशत नुकसान, गिरदावरी न होने से परेशान किसान ने फसल पर चलाया ट्रैक्टर

Sat, 11 Feb 2023 10:46 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)

सार

नया गांव का किसान खराब सरसों की फसल की गिरदावरी न होने से परेशान था। किसान महावीर ने अपनी खड़ी सरसों की हरी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया।
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फसल पर चलाया ट्रैक्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जनवरी में महेंद्रगढ़-नारनौल में पाले की वजह से खराब हुई सरसों की फसलों पर अब किसानों ने ट्रैक्टर चलाने शुरू कर दिए है। नांगल चौधरी क्षेत्र के नया गांव में किसान महावीर ने अपनी खड़ी सरसों की हरी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया।

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पाले से खराब सरसों की फसल की गिरदावरी न होने से परेशान किसान खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला रहे है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें केवल सरकार से ही आस है। अगर सरकार ने भी मुआवजा नहीं दिया तो क्षेत्र का किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।

बता दें कि जनवरी माह में लगातार एक सप्ताह भयंकर पाला जमने से सरसों की फसल को काफी नुकसान हो गया था। जिले में न्यूनतम तापमान माइनस डिग्री में चला जाने से सरसों की फसल के दाने खत्म हो गए थे। इससे किसानों की सरसों की फसल में लगभग 80 से 90 प्रतिशत नुकसान हो गया।
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इसके अलावा सब्जी की फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ। पाले का सबसे ज्यादा असर नांगल चौधरी, गोद बलाहा, नारनौल, महेंद्रगढ़, सतनाली, सीहमा और कांटी क्षेत्र में खड़ी सरसों की फसलों को हुआ। अधिकांश खेतों में 80 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान देखने को मिल रहा है। खेतों में सिंचित पानी की बेहद कमी व लगातार तापमान में गिरावट ने सरसों को अपनी चपेट में ले लिया।

नांगल चौधरी क्षेत्र के नया गांव में किसान महावीर ने अपनी खड़ी सरसों की हरी फसल पर आखिर ट्रैक्टर चला दिया। किसान का कहना है कि उसके खेतों में 80 प्रतिशत से अधिक पाले की मार है। क्षेत्र में पड़े भंयकर पाले ने उनको कहीं का नहीं छोड़ा।

इसी से परेशान होकर उन्होंने अपनी खड़ी फसल में ट्रैक्टर चला दिया। अब कम से कम यह खत्म हुई फसल थोड़ा-बहुत खाद का काम तो करेगी। उसने कहा कि अब तो केवल सरकार से सहायता पर ही आशा है कि आखिर वह किसान की फसल से टूटी कमर राहत दिलाए।

किसानों का कहना है कि अगर सरकार मुआवजा देती है तो किसान का बचाव हो जाएगा। अन्यथा महंगे बीज, खाद व जुताई के खर्चे से पीड़ित किसान बर्बाद हो जाएगा। किसानों की मांग है कि सरकार शीघ्र से शीघ्र उन्हें राहत प्रदान करें।

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