अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर चयन होने पर डॉ. यादवेंद्र सिंह का पैतृक गांव बिहाली पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल माला व पगड़ी पहनाकर कर स्वागत किया। गांव के प्राचीन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला सरपंच बीना देवी के पति सीताराम यादव ने की। डॉ. यादवेंद्र सिंह यादव पुत्र श्यामलाल यादव ने सबसे पहले बाबा सेवा दास मंदिर में मत्था टेक मंदिर महंत मंगल दास से आशीर्वाद दिया। प्राचार्य तेजसिंह ने कहा कि मेहनत कभी भी बेकार नहीं जाती। डॉ. यादवेंद्र सिंह ने मेहनत करके यह मुकाम हासिल किया है इससे गांव का ही नहीं बल्कि क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। युवा पीढ़ी को भी उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। बता दें कि डॉ. यादवेंद्र के पिता श्याम लाल यादव एक किसान है। उनकी 4 बेटियां है जोकि अलग-अलग महाविद्यालय में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत है। वहीं सबसे छोटा बेटा डॉ. यादवेंद्र है जिनका हाल ही में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर चयन हुआ है। डॉ. यादवेंद्र ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आदर्श हाई स्कूल अटेली से पास की। उसके बाद 10 जमा 2 की परीक्षा सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल नसीबपुर नारनौल से पास की। राजकीय कॉलेज अटेली से बीए की परीक्षा उत्तीर्ण करने उपरांत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की और वहीं रहकर उन्होंने अपने जीजा एवं ला फैकल्टी के डीन एवं चेयरमैन डॉ. सुनील यादव के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एलएलएम तथा पीएचडी की डिग्री हासिल की। यादवेंद्र सिंह ने नेट एंड जेआएफ दोनों परीक्षाएं उत्तीर्ण की। जिसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधीन डायरेक्टरेट ऑफ प्रोसीक्वेश्चन गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी में बतौर प्रॉसिक्यूटर के पद पर चयनित हुआ। इसी दौरान एडिशनल डिस्ट्रिक एंड सेशन जज दिल्ली हाईकोर्ट में उनका चयन हो गया। इस अवसर पर अमर सिंह नंबरदार, सुमेर सिंह, कर्मबीर यादव, पहलाद सिंह, रमेश कुमार, अजीत सिंह, मनोज कुमार, कृष्ण शर्मा, पूर्व सरपंच रोहतास, भूपेंद्र कुमार, एडवोकेट सुनील कुमार आदि ग्रामीणों ने यादवेंद्र को बधाई दी।