पेटेंट की प्रति कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार के समक्ष प्रस्तुत करते डॉ. सुमित कुमार।
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में भेषजिक विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सुमित कुमार ने नैनोजेल विस्कोसिटी मापने के लिए विस्कोमीटर का नया डिजाइन तैयार किया है। भेषजिक विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमित कुमार और उनकी टीम के इस उल्लेखनीय कार्य के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को पेटेंट्स महानियंत्रक कार्यालय, डिजाइन्स एंड ट्रेड मार्क्स, भारत सरकार द्वारा डिजाइन पेटेंट प्रदान किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने डॉ. सुमित कुमार एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह नवाचार समाज के लिए काफी मददगार साबित होगा। हमारा उद्देश्य समाजोपयोगी काम करना है और आमजन को नवाचारों के बारे में जागरूक करना है।
डॉ. सुमित कुमार ने कहा कि उनकी टीम ने नैनोजेल विस्कोसिटी मापने के लिए विस्कोमीटर का नया डिजाइन तैयार किया है। उन्होंने बताया कि विस्कोमीटर का उपयोग मुख्य रूप से विभिन्न तरल पदार्थों के गाढ़ेपन को मापने में किया जाता है और जहां तक हमारे द्वारा तैयार डिजाइन की बात है तो यह नैनोजेल के संबंध में उपयोग किया जा सकता है। इस विस्कोमीटर के डिजाइन को इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे उसका संचालन सहज हो सके। क्योंकि उपकरण का डिज़ाइन जितना सरल होगा, उसे उतने ही आसानी से उसका उपयोग किया जा सकेगा। इसका उपयोग भेषजिक विज्ञान, खाद्य विज्ञान एवं खाद्य उद्योग व मेडिकल आदि के क्षेत्र में किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज की अधिष्ठाता एवं शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान, भेषजिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने भी डॉ. सुमित कुमार के प्रयासों की सराहना की।