वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामनिवास मानव को लघुकथा साहित्य में उनके विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण योगदान के दृष्टिगत महादेवी कौशिक स्मृति राष्ट्रीय लघुकथा पुरस्कार प्रदान किया गया है। हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच द्वारा श्री युवक साहित्य-सदन, सिरसा में आयोजित वार्षिक राष्ट्रीय लघुकथा-सम्मेलन में हरियाणा प्रादेशिक हिंदी साहित्य-सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. रूप देवगुण, हरियाणा प्रादेशिक लघुकथा मंच की संयोजक डॉ. शील कौशिक, संपादक योगराज प्रभाकर व वरिष्ठ साहित्यकार मेजर शक्तिराज कौशिक द्वारा शॉल, स्मृति-चिह्न, सम्मान-पत्र और नकद राशि भेंटकर उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया। उल्लेखनीय है कि एक दर्जन से अधिक विधाओं में सृजनरत और छप्पन पुस्तकों के लेखक-संपादक डॉ. मानव का लघुकथा विधा के विकास में भी अत्यंत उल्लेखनीय योगदान रहा है। उनके ताकि सनद रहे, घर लौटते कदम, इतिहास गवाह है और हो चुका फैसला शीर्षक चार मौलिक तथा इक ही रस्ता और बहाव दे अग्गे आदि लघुकथा-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।