फोटो- 03पंडित मनीष निर्मल शास्त्री।
नारनौल। विद्वद् ब्राह्मण संगठन के संरक्षक आचार्य पंडित मनीष निर्मल शास्त्री ने बताया कि अमावस्या तिथि 31 अक्तूबर दोपहर में 3:54 पर शुरू हो जाएगी।
आचार्य पंडित मनीष निर्मल शास्त्री ने बताया कि अमावस्या काल में ही मां लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ त्योहार ऐसे होते हैं जो किसी विशेष समय में ही मनाए जाते हैं। दीपावली ऐसा ही त्योहार है, जिसमें अमावस्या काल में माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता हैं। पूजन के समय अमावस्या तिथि का होना जरूरी है। अमावस्या 31 अक्तूबर को दोपहर में 3:54 पर तिथि शुरू होगी और अगले दिन 1 नवंबर को शाम को 6:16 तक रहेगी। ऐसे में जो लोग 1 नवंबर को लक्ष्मी पूजन शाम को 6:16 बजे के बाद करते हैं, उनके लिए उस समय अमावस्या नहीं रहेगी, लेकिन यदि हम 31 अक्तूबर को लक्ष्मी पूजन 4:00 के बाद अर्धरात्रि तक कभी भी लक्ष्मी पूजन करते हैं तो उस समय अमावस्या तिथि रहेगी। दीपावली 31 अक्तूबर को ही मनानी चाहिए।