महेंद्रगढ़। वर्तमान में जीवन शैली व खानपान में आए बदलाव के कारण हर 10वां व्यक्ति मधुमेह का शिकार है। चिकित्सकों के अनुसार अनियमित खानपान, फास्टफूड और वर्तमान जीवन शैली में शारीरिक श्रम कम होने के कारण लगातार मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। नियमित दिनचर्या के साथ शारीरिक श्रम और योग से इससे बचा जा सकता है। नागरिक अस्पताल के चिकित्सक आशीष राव ने बताया कि इस बीमारी से अधिक हो जाता है। रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग नहीं कर पाती है। यदि ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर खून में लगातार बना रहे तो शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते है। शुगर कोई असाध्य रोग नहीं है। दिनचर्या में हल्का बदलाव कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें शारीरिक श्रम की विशेष भूमिका होती है। नियमित योग एवं शारीरिक श्रम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
प्रतिदिन आधे घंटे का शारीरिक श्रम जरूरी:
विशेषज्ञों का कहना है कि शुगर नियंत्रित करने के लिए शारीरिक श्रम जरूरी है। रोजाना सुबह कम से कम 30 मिनट अभ्यास, योग, शारीरिक श्रम जिसमें सैर भी कर सकते है। शुगर के मरीजों को दिन में तीन बड़े भोजन की बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार भोजन करना चाहिए। यह ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखने और अचानक बढ़ने या कम होने से रोकने में मदद करेगा। आप पूरे दिन फल और सब्जियां खा सकते हैं। शुगर के रोगी की थोड़ी देर टहलना, सीढि़या चढ़ना या योग करके पूरे दिन एक्टिव रहना चाहिए।
40 से अधिक की उम्र में करता है शुगर प्रभावित:
डॉ. आशीष ने बताया कि यह एक सामान्य रोग है जो आमतौर पर 40 वर्ष की उम्र से अधिक के लोगों को अधिक प्रभावित करता है। शुगर में धूम्रपान से परहेज करें। मधुमेह होने पर नियमित रूप से जांच करवाएं। योग और शारीरिक श्रम को दिनचर्या में शामिल कर इस पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोगों में मधुमेह का एक भय सा बना रहता है। लेकिन यह इतनी बड़ी समस्या नहीं है कि इसका इलाज नहीं है। नियमित पैदल घूमना, शारीरिक व्यायाम एवं योगासन से मधुमेह के रोगी का लाभ मिलता है। डॉ. आशीष राव ने कहा कि शुगर की शिकायत होने पर नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में शुगर की जांच करवाएं और समय-समय पर दवाई भी लेते रहें। शुगर यानी बढ़े हुए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।