फोटो नंबर-12नगर परिषद में बनाया जा रहा उपप्रधान का कार्यालय। संवाद
नारनौल। नगर परिषद कार्यालय में प्रधान कार्यालय के साथ-साथ इस बार से उपप्रधान कार्यालय भी बना दिया गया है। नगर परिषद में प्रधान व उपप्रधान दोनों के कार्यालय बन जाने से अब शहर के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा। यहां समस्या लेकर आने वाले लोगों को दोनों में एक अपनी सीट पर बैठा मिल जाया करेगा।
नगर परिषद में इस योजना से पहले चुन कर आए उपप्रधान के लिए कोई कार्यालय नहीं था, इसी कारण उपप्रधान भी नगर परिषद में कम ही आया करते थे। इस बार से उपप्रधान को भी अलग से कार्यालय नगर परिषद में दिया गया। अब तक जिस कार्यालय में उपप्रधान व पार्षद बैठ रहे थे उसकी हालत काफी दयनीय थी जिसे देखते हुए नगर परिषद द्वारा कार्यालय के नवनिर्माण के लिए आठ लाख रुपए पास किए गए। अब करीब आठ लाख रुपए की लागत से नप उपप्रधान के कार्यालय को नया रूप दिया जा रहा है। अब कार्यालय को पूरी तरह से नया बनाकर इसके अंदर बाथरूम, टायल, कुर्सियां आदि सभी सुविधाओं के साथ इसकी लंबाई को बढ़ा दिया गया है। इससे अब यहां पहले की अपेक्षा ज्यादा लोग बैठ सकेंगे। नप उपप्रधान कार्यालय बन जाने से पार्षदों को भी नगर परिषद में एक और बैठने का स्थान मिल जाएगा। पार्षद भी अब प्रधान व उपप्रधान दोनों के कार्यालय में बैठकर उनके वार्ड से आने वाले लोगों के काम करवा सकेंगे। वहीं लोगों को कई जरूरी कागजों पर हस्ताक्षर के लिए भी पार्षदों को खोजने के लिए नहीं जाना पड़ेगा।
नगर परिषद में आठ लाख रुपए की लागत से कार्यालय तैयार किया जा रहा है जिसका अभी निर्माण चल रहा है। कार्यालय तो इस बार अलग से मिल गया था, लेकिन उसकी हालत दयनीय थी। अब जो नया कार्यालय तैयार हो रहा है उसमें सभी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी और पार्षदों को बैठने के लिए भी एक और स्थान मिल जाएगा।
संजीव यादव। उपप्रधान नगर परिषद, नारनौल।