नारनौल। क्षेत्र में बारिश का दौर थमने के बाद डेंगू ने डंक मारने शुरू कर दिए हैं। जिले में अब तक 6 डेंगू व चार मलेरिया के मरीज मिल चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग जिन जगहों पर डेंगू के मरीज मिल रहे हैं, वहां पर फॉगिंग करवा रहा है। शहर के पार्कों व गली मोहल्लों में अभी भी बारिश का पानी भरा हुआ है। जिसकी वजह से मच्छरों को लारवा पनप रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा घरों में तो लारवा मिलने पर नोटिस भी भेजा जा रहा है।
नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग से वार्ड भी बनाया गया है। इसके अलावा महेंद्रगढ़ सामान्य अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डेंगू मरीज के उपचार की व्यवस्था की गई है। सरकारी अस्पतालों में प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें प्लेटलेट्स के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल में करीब तीन साल से ब्लड कंपोनेंट मशीन रखी हुई है, लेकिन लाइसेंस नहीं मिलने की वजह से अब तक शुरू नहीं हो सकी है। अब लाइसेंस नहीं मिलने की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक करने और रोकथाम के लिए 152 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर लारवा की जांच कर रही है। लारवा मिलने वाली जगह पर लोगों की जांच की जाती है और दवा का छिड़काव किया जाता है। बता दें कि डेंगू बुखार एडीज प्रजाति की मादा मच्छरों के काटने से फैलता है, वहीं मलेरिया बुखार मादा एनाफ्लीज मच्छरों के काटने से फैलता है।
जिले में अब तक 6 डेंगू और 4 मलेरिया के मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार डोर-टू-डोर जांच कर रहा है।
डॉ. मनीष, डीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल नारनौल।