चितलांग निवासी युवक द्वारा फेसबुक पर संवैधानिक टिप्पणी को लेकर ग्रामीणों द्वारा गांव के बीच में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए की गई मारपीट को लेकर सर्व अनुसुचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग महासभा ने एसडीएम व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में संघर्ष समिति व अन्य संगठनों के प्रधान व महासचिव द्वारा मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, डीजीपी, आईजी, डीसी, एसपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व एसडीएम को पत्र की प्रति अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन व एसडीएम की अनुपस्थिति में एसडीएम सुपरिंटेंडेंट सुदेश पूनिया को सौंपी। ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि ग्रामीणों द्वारा समाज के बलजीत के साथ की गई मारपीट व जाति सूचक शब्दों के प्रयोग पर नियुमानुसार कार्रवाई कर पीड़ित को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
बिरदी चंद गोठवाल ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में एक वर्ग विशेष द्वारा गांव चितलांग, खेड़ी व कांटी अटेली में किए गए मामले ताजा उदाहरण हैं। इन केसों में पुलिस प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। गांव चितलांग में बलजीत सिंह द्वारा 7 सितंबर को केवल फेसबुक पर संवैधानिक टिप्पणी ही पोस्ट की थी जिसके चलते एक वर्ग विशेष ने बलजीत सिंह को मानसिक, शारीरिक व जातिसूचक अपशब्दों से गांव के बीच में अपमानित किया है। सर्व समाज के प्रधान बिशन कुमार सैनी ने बताया कि भारतवर्ष में बड़े-बड़े नेता, प्रशासनिक अधिकारी, देश के बड़े उद्योगपति व आमजन द्वारा अपने बच्चों की शादियां अंतरजातीय समाज में की हुई हैं जिसे सरकार भी प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। ग्रामीण स्तर पर आज भी इस प्रकार की कुरीतियां समाज में व्याप्त हैं। इस प्रकार सरकार जाति विहीन समाज की स्थापना करने में विफल हो रही है। इस अवसर पर एससीबीसी समाज के प्रधान, महासचिव व वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्व तहसीलदार लालाराम नाहर, बलबीर सिंह बबेरवाल, शिवनारायण मोरवाल, राजेश चांवरिया, तोताराम कोली, पतराम खिंची, सुंदर लाल जोरासिया, रोशन लाल निंबल, जगदीश महायच, पूर्व थानेदार महाबीर महायच, मैनेजर पन्नी लाल, बृजलाल, सरपंच धन्ना राम, ताराचंद, महेंद्र सिरोहा, गोपाल, अविनाश, सुनिल कुमार, फकीर चंद, पवन बलाना, संतलाल खिंची, हरिराम खन्ना, विजय सिंह चटीवाला, पीड़ित बलजीत सिंह, अनिल यादव आर्य, भूपेंद्र प्रजापत आर्य आदि उपस्थित रहे।