नारनौल। नारनौल क्षेत्र के गांव दोचाना में धानक समाज ने मृत्यु भोज संबंधित कार्यक्रम नही करने का निर्णय लिया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर होती है कि उन्हें कर्ज लेकर के समाज में अपनी इज्जत बचाने के लिए मृत्यु भोज का आयोजन करना पड़ता है। जब किसी जानवर का साथी बिछड़ जाता है तो वह उस दिन चारा नहीं खाता है जबकि 84 लाख योनियों में श्रेष्ठ मानव के मृत्यु भोज पर हलवा पूरी खाकर शोक बनाने का ढोंग करता है। इससे बढ़कर निंदनीय कोई दूसरा कृत्य नहीं हो सकता है। इससे पहले गांव में राजपूत व ब्राह्मण समाज ने मृत्यु भोज बंद कर रखा है। इनसे प्रेरणा स्वरूप धानक समाज ने भी मृत्यु भोज बंद करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर मदनलाल बागड़ी, अमर सिंह सोलंकी, रामकिशोर, दिलीप, मालाराम, राजेश, अशोक कुमार, ओमप्रकाश, लालचंद, विजय कुमार आदि उपस्थित थे।