हरियाणा के महेंदग्रढ़ जिले के तहसील कार्यालय नांगल चौधरी में कार्यरत तहसीलदार का रीडर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। विजिलेंस टीम ने रीडर को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में टीम तहसीलदार से पूछताछ कर रही है। विजिलेंस की टीम दोनों को नारनौल विजिलेंस कार्यालय ले आई।
बता दें कि कुछ समय पहले नांगल चौधरी निवसी संजय सैनी ने एक प्लाट खरीदा था। उस प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए वह तहसीलदार अजय कुमार से मिला था। उस समय तहसीलदार ने कहा कि यह कॉमर्शियल प्लाट है और इसकी रजिस्ट्री महंगी होगी क्योंकि इसकी स्टांप ड्यूटी अधिक होती है।
बाद में संजय सैनी ने तहसीलदार के रीडर राम भरोसे से मुलाकात की। राम भरोसे ने संजय सैनी को 20 हजार रुपये में काम करवाने का आश्वासन दे दिया था। संजय सैनी ने उससे रजिस्ट्री करवाने का समय ले लिया। उसे सोमवार का समय दिया था। संजय ने इसकी शिकायत विजिलेंस टीम नारनौल को दी। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
इसके बाद एक टीम गठित कर योजना के मुताबिक वहां पर रेड की। शिकायतकर्ता सैनी ने तहसील कार्यालय पहुंचकर 20 हजार रुपये रीडर राम भरोसे को दे दिए। उसने ये पैसे अपनी जेब में रख लिए। इसके बाद संजय सैनी के इशारे करते ही उसको रंगे हाथों पकड़ लिया तथा जेब से 20 हजार रुपये बरामद किए।
रीडर रामभरोसे ने मौके पर पूछताछ में तहसीलदार का नाम भी लिया। उसने कहा कि इस मामले में तहसीलदार अजय कुमार भी इसमें शामिल है। इसके बाद टीम तहसीलदार को भी पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।