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सरपंच और दो फर्मों पर मामला दर्ज

Wed, 26 Oct 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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बैंकों के ड्राप बॉक्स में अब चेक भी सेफ नहीं
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नारनौल। गांव ढाणी किरारोद अफगान के पंच प्रताप सिंह की याचिका पर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने गांव के सरपंच आशीष कुमार व फर्जी बिल बनाकर उसका सहयोग कर माल सप्लाई करने वाली दो फर्मों के मालिक कुलदीप तथा नटराज ट्रेडस नारनौल के मालिक के खिलाफ सदर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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याची के अधिवक्ता देवेंद्र यादव के अनुसार अदालत में डाली गई याचिका में कहा गया था कि सरकार के स्वच्छता अभियान के तहत 40 लोहे के डस्टबिन खरीदे गए थे। सरपंच ने इस कार्य में अपने चाचा के लड़के की फर्म से बाजार भाव से अधिक में 4020 रुपये प्रति डस्टबिन का बिल बनाकर सरकारी राशि को हड़प करने की नीयत से खरीदे लिए।

इसी प्रकार एक हाइमास्क लाइट तथा 35 स्ट्रीट लाइटें बाजार रेट से अधिक के बिल बनवाकर करीब ढाई लाख रुपये की खरीद कर ली। इसके अलावा मनरेगा का कार्य मजदूरों से ना करवाकर जेसीबी मशीनों से करवाया, जबकि रिकार्ड में यह कार्य मजदूरों से होना दर्शाया गया है। पंच ने अपनी याचिका के साथ आरटीआई से जुटाए गए भुगतान किए गए बिलों की प्रति तथा बाजार से विभिन्न फर्मों की कुटेशनों की प्रतियां भी साथ लगाई है।
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याचिका में यह भी कहा गया है कि सीएम विंडो में की गई शिकायत पर बीडीपीओ की जांच में सरपंच को दोषी करार दिया गया है। बीडीपीओ ने भी अपनी जांच में सरपंच आशीष कुमार द्वारा डस्टबिन में 68800 रुपये के गबन, छोटी स्ट्रीट लाइटों 32 हजार व हाईमास्क लाइट में 68 हजार 900 रुपये के गबन करने की रिपोर्ट पेश की है।

शिकायतकर्ता पंच ने कहा है कि बीडीपीओ की जांच में सरकारी राशि के गबन करने व दोषी पाए जाने के बाद भी जब सरपंच आशीष कुमार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसे मजबूरन अदालत का सहारा लेना पड़ा। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरपंच आशीष कुमार, एक फर्म चलाने वाले सरपंच के चचेरे भाई कुलदीप के खिलाफ एक साजिश के तहत गबन, धोखाधड़ी, फर्जी बिल तैयार करने जैसी अनेक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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