प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर पंचायती जमीन को कब्जा मुक्त कराने पहुंचे ट्रैक्टर चालक पर ही पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। चालक सरसों के खेत में कब्जा हटाने के लिए ट्रैक्टर चला रहा था इस दौरान वह हदबंदी से थोड़ा आगे बढ़ गया। इस पर लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर चालक पर ही केस दर्ज कर लिया। जबकि डेढ़ घंटे तक यह ट्रैक्टर चालक प्रशासन के दिशा निर्देश पर पंचायती जमीन को कब्जा मुक्त करने की कार्रवाई में जुटा हुआ था।
गौरतलब है कि खंड विक ास एवं पंचायत अधिकारी के आदेशानुसार गत 11 दिसंबर को पंचायत की 8 एकड़ जमीन पर कब्जा करने वाले 10 लोगों पर मामला दर्ज करके कार्रवाई आरंभ कर दी थी। तहसीलदार रोहताश, नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ओमप्रकाश, डीएसपी साकिर हुसैन व थाना प्रभारी गुलाब सिंह पुलिस दल के साथ गांव महासर की पंचायत जमीन को कब्जा मुक्त कराने पहुंचे। बताया जाता है कि कई वर्षों से गांव के निवासी पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा करके कृषि का कार्य कर रहे थे। जिस कारण पंचायत की हर साल छोड़ने वाले बोली बाधित हो रही थी। बोली छूटने के अभाव में पंचायत की आय का भी नुकसान हो रहा था। आंकड़ों के अनुसार 36 कनाल, 14 मरला जमीन पर सरसों की फसल बोई हुई थी।
इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए प्रशासन के उक्त अधिकारी दो ट्रैक्टर लेकर पहुंचें। ट्रैक्टर चालक मनोज कुमार ने हदबंधी से आगे निकलकर पंचायती जमीन पर उगी फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। बताया जा रहा है कि कब्जा की हुई कुछ भूमि पर कोट का स्टे मिला हुआ था। उस भूमि पर भी कुछ हिस्से में ट्रैक्टर चल गया। प्रशासन से मुआवजा मांगते हुए स्टे लाने वाले व्यक्तियों ने विरोध जताया तो पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ ही विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। ट्रैक्टर चालक मनोज का कहना है कि मुझे हदबंधी के बारे में नहीं बताया गया जिसके चलते मैं अपने कार्य में जुटा हुआ था। प्रशासन के कहे अनुसार इस कार्य के लिए आया था। मेरे पर ही मामला दर्जकर पुलिस प्रशासन ने गलत कदम उठाया है। वहीं डीएसपी साकिर हुसैन का कहना है कि ट्रैक्टर चालक को हदबंदी के बारे में पहले ही बता दिया गया था उसके बावजूद अन्य लोगों के कहने पर ट्रैक्टर चालक ने स्टे वाली जमीन पर ट्रैक्टर चला दिया। इसलिए ट्रैक्टर चालक पर मामला दर्ज किया गया है।