महेंद्रगढ़ के गांव पाली में दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर हुए झगड़े में एक ही गुट के छह लोग घायल हो गए। घायलों को सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ लाया जहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाया लेकिन गांव में देर रात्रि तक तनाव का माहौल था। पूरे गांव में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस कार्रवाई में जुटी हुई थी अभी तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ था।
मिली जानकारी के अनुसार गांव पाली के दो गुट पोली वाला गुट एवं सुज्जा, टपड़ी वाला, मेढ़ी वाला के बीच गांव के बस स्टैंड पर झगड़ा हुआ। सुजा थोक, टपड़ीवाला एवं मेढ़ीवाला तीनों एक ही गुट में शामिल है। झगड़े में जमकर तलवार, भाले तथा बरछी चली जिससे पोली वाला गुट के छह लोग घायल हो गए। घायल में जयपाल पुत्र मेघ सिंह (55), नेपाल पुत्र करतार ( 26), रणबीर पुत्र बाघ सिंह (62), हनुमान पुत्र नौरंग सिंह (40), महेंद्र पुत्र श्रीराम (46) तथा राजू पुत्र श्रीराम (42) आदि शामिल हैं। घायलों को सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ में प्राथमिक उपचार देकर रेफर कर दिया है।
यह है मामला
घायलों के परिजनों ने बताया कि सुबह लगभग दस बजे पोलीवाला गुट के दो व्यक्ति शादी के कार्ड छपवाने के लिए महेंद्रगढ़ आए थे दूसरे थोक के चार पांच लोगों ने उनके पीछे गाड़ी लगा दी। लेकिन रास्ते में ज्यादा दूरी हो रह जाने की वजह से वो उन्हें पकड़ नहीं पाए । इसके बाद शाम पांच बजे पोलीवाला गुट का एक व्यक्ति हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में अपनी ड्यूटी पूरी कर आ रहा था कि गांव के पंचायत घर के पास उससे मारपीट की तथा बाइक पर गाड़ी चढ़ा दी। इसके बाद उक्त तीनों थोक के लोग एकत्रित हाथ में तलवार, बरछी एवं भाला लेकर आए और उन पर हमला बोल दिया।
गांव में है तनाव का माहौल:
गांव पाली में दो गुटों के झगड़े होने पर गांव में तनाव का माहौल हो गया है। सभी लोग घर के अंदर दुबके हुए हैं। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है। जबकि रात्रि आठ बजे डीएसपी स्पेशल स्टाफ राजेश कुमार तथा तीन बड़ी बसें मौके पर पहुंची। अभी गांव में लगभग 200 से अधिक पुलिस के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं ।
झगड़े में पहले भी है एक व्यक्ति हो चुकी है मौत
25 मई को भी गांव पाली में पोलीवाला एवं हवेली वाला के बीच लड़ाई हुई थी। उस दौरान पोलीवाला की ओर से राजपाल पुत्र लादू सिंह की झगड़े में मौत हो गई थी। गांव में लगभग पांच दिन तक तनाव का माहौल रहा। इस झगड़ें में कई लोग कुछ दिनों तक जेल में भी रहे। चार पांच महा पूर्व गांव के ही लोगों ने एकता एवं भाईचारा कायम रखने को लेकर दो गुटों में समझौता करवा दिया था