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Narnaul: 152डी नेशनल हाईवे बना नशा तस्करी का ''कॉरिडोर'', फर्जी बिल्टी और नंबर प्लेट से होती तस्करी पकड़ी

Thu, 16 Mar 2023 01:35 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)

सार

नौ माह पहले शुरू हुए हाईवे से पंजाब से राजस्थान और गुजरात अवैध रूप से शराब भेजी जा रही है। साढ़े चार माह में तीन मामले पकड़ में आए हैं। 23 हजार से ज्यादा अवैध रूप से ले जाई जा रही शराब की बोतलें बरामद की गई है।
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ट्रक के अंदर रखी शराब की पेटियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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नौ माह पहले नारनौल से इस्माइलाबाद तक बना 227 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर 152 डी अब नशा तस्करों के लिए कॉरिडोर (नया रास्ता) बनता जा रहा है। 152 डी पर ज्यादा चेकिंग नहीं होने के कारण नशा तस्कर इसी मार्ग से ही पंजाब से राजस्थान और गुजरात तक लेकर जाने के लिए धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बुधवार को पुलिस ने एक कंटेनर के अंदर से कई फर्जी नंबर प्लेट और बिल्टी बरामद की हैं।

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कंटेनर पर भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट बेस डिपो अमृतसर कैंट के सामान की दो पेज की लिस्ट भी लगी हुई है। गाड़ी को चेक करने पर कागजात मिले हैं, जिनमें एक पेज इश्यू ऑर्डर अंडर द इंडियन (आर्मी एयर फोर्स) 1942 लिखा है।

यह सामान भी गाड़ी नंबर-एचआर 47सी-3194 अमृतसर कैंट से गुजरात के जूनागढ़ तक जाना लिखा है। इस पर सेकेंड बीएन (1 जाट) व मेजर ओबीसी कंपनी की मुहर लगी हुई है व राज लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट सर्विस रजि. एंड कमीशन एजेंट की बिल्टी है।
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इससे पहले भी एक मामले में ई-वे बिल में गाड़ियों के स्पेयर पार्ट की बिल्टी थी जबकि गाड़ी में शराब थी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नेशनल हाईवे नंबर 152 डी के रास्ते पंजाब से एक ट्रक अवैध शराब भरकर राजस्थान होते हुए गुजरात जाएगा। पुलिस ने जाट गुवाना टोल प्लाजा पर नाकाबंदी शुरू की।

इस दौरान पुलिस को एक ट्रक आता दिखाई दिया। पुलिस ने ट्रक को रुकने का इशारा किया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर से नाम पता पूछा तो उसने पलवल निवासी सलीम खान बताया। पुलिस ने गाड़ी की जांच की तो उसके अंदर 490 पेटी शराब मिली। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है। उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।

हाईवे पर नहीं होती चेकिंग, इस्माइलाबाद से नारनौल तक केवल टोल पर खड़ी रहती है पुलिस
इस्माइलाबाद से नारनौल तक पुलिस की चेकिंग भी कुछ ज्यादा नहीं होती है। केवल टोल के आसपास ही पुलिस खड़ी रहती है। नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की किसी प्रकार की कोई चेकिंग तक नहीं की जाती है। यहां तक इस हाईवे पर मोटरसाइकिल भी नहीं चल सकती। इसके बावजूद हाईवे पर मोटरसाइकिल तक चलती हैं।

नौ माह पूर्व शुरू हुआ हाईवे
यह नेशनल हाईवे नौ माह पहले पूर्ण रूप से चालू हुआ और इस दौरान से अब तक जिले से तीन बार भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की जा चुकी है। नवंबर से लेकर मार्च तक 23 हजार से ज्यादा शराब की अवैध बोतलें बरामद की जा चुकी हैं। सभी तीनों मामलों में अवैध शराब पंजाब के अलग-अलग क्षेत्रों से राजस्थान और गुजरात ले जाई जा रही थी। पंजाब में शराब सस्ती मिलती है जबकि गुजरात में शराब बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है और तस्करी करके गुजरात पहुंचाई जा रही शराब दोगुने दाम पर बेची जाती है।

ऐसे तैयार हुआ नेशनल हाईवे
नारनौल से इस्माइलाबाद तक का 227 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर -152 डी (ट्रांस हरियाणा हाईवे) बनाने की घोषणा 2018 में की गई थी। इसका शिलान्यास 14 जुलाई 2020 को किया गया। इस पर 5 हजार 110 करोड़ रुपये की लागत आई। इस्माइलाबाद के गंगेड़ी गांव लिंक से नारनौल के सुरानी तक 227 किलोमीटर लंबा हाईवे बना। इस हाईवे के लिए 8 जिलों में 1826 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था जिस पर 529 करोड़ रुपये खर्च आया।

ऐसे पकड़े गए मामले

  • 6 नवंबर 2022 को सदर नारनौल पुलिस ने 152 डी पर 4968 बोतल शराब की पकड़ी
  • 18 दिसंबर 2022 को 152 डी पर पुलिस ने 12276 बोतल शराब की पकड़ी
  • 14 मार्च 2023 को 152 डी पर पुलिस ने 5880 बोतल शराब बरामद की है


कंटेनर से फर्जी नंबर प्लेट व बिल्टियों बरामद, डिफेंस कैंटीन अमृतसर की कटवा रखी थी बिल्टी
जाट गवाना टोल प्लाजा के पास पुलिस द्वारा अवैध शराब से भरे कंटेनर पकड़ने के मामले में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस ने कंटेनर से कई फर्जी नंबर प्लेट अैर फर्जी बिल्टी बरामद की है। यही नहीं कंटेनर पर भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट बेस डिपो अमृतसर कैंट के सामान की दो पेज की लिस्ट भी लगी हुई है। यही नहीं गाड़ी को चैक करने पर कागजात मिले है, जिनमें एक पेज इश्यू ऑर्डर अंडर द इंडियन (आर्मी एयर फोर्स) 1942 लिखा है। यह सामान भी गाड़ी नंबर-एचआर 47सी-3194 अमृतसर कैंट से गुरात के जूनागढ़ तक जजाना लिखा है। इस पर 2ठ्ठस्र बीएन (1 जाट) व मेजर ओबीसी कंपनी की मोहर लगी हुई है व राज लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट सर्विस रजि. एंड कमीशन एजेंट की बिल्टी है।

पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी पलवल जिल के थाना हथीन के गांव गुराकरसर निवासी सलीमखान द्वारा शराब तस्करी के लिए प्रयोग किए जा रहे वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई जा रही है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि कंटेनर चालक को डबवाली के पास ही इस शराब को गुजरात पहुंचाने के लिए दिया गया। बुधवार को जो कंटेनर पकड़ा गया, उस पर भी फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। गाड़ी में गुजरात, राजस्थान और 

हरियाणा के नंबरों पर नंबर प्लेट व स्टीकर भी बरामद किए गए हैं। गाडी के अंदर से दो नंबर प्लेट जीजे 01ईटी-7827 व नंबर प्लेट आरजे-18जीए-9960 व एक नंबर प्लेट आरजे-18जीबी-1954 बरामद की गई। सभी नम्बर प्लेट पीले रंग की व गाड़ी के नंबर लगाने के स्टीकर मिले हैं, जिस पर एचआर 47सी-3194 लिखे हुए हैं। जब पुलिस ने बरामद हुई गाड़ी पर लगे हुए नंबर के स्टीकरों को हटा कर चेक किया तो गाड़ी के ऊपर पेंट से अलग नंबर जीजे01ईटी-7827 लिखा हुआ मिला। इसके अलावा गाडी न. एचआर 47सी-3194 की आरसी व परमिट, इन्शोरेन्स फिटनस सर्टिफिकेट आरटीओ रेवाडी द्वारा जारी की हुई मिली। इसी प्रकार एक आरसी नंबर आरजे-10 ईटी-7827 की आरसी, इंश्योरेंस परमिट अहमदाबाद गुजरात अथोर्टी द्वारा जारी की हुई मिली।

ये शराब हुई बरामद
390 पेटी शराब अंग्रेजी मार्का लंदन क्लब ग्रीन एप्पल वोदका बैच न. 08एफईबी23/एल-3, 100 पेटी पव्वा मार्का मेकडोवेल्स नंबर-एक जिनमें से चालीस पेटी बैच नंबर-एम416/एल-23 व बैच नंबर-एम438/एल-13, बीस पेटी बैच नंबर- एम414/एल-15, 31 पेटी बैच नंबर-एम 415/एल-13, 4 पेटी बैच नंबर- एम 437/एल-13, दो पेटी व बैच . एम 437/ एल-15 तीन पेटी कुल शराब अग्रेजी पेट्टी 490 पेटी मिली है।

कंटेनर चालक को अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूरा नेटवर्क पता करने का प्रयास किया जा रहा है। -विक्रांत भूषण, एसपी, महेंद्रगढ़

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