खनन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार की देर शाम कृष्णावती नदी में पहुंचकर बजरी वाशिंग प्लांटों का जायजा लिया। सूचना मिलने पर सैकड़ों ग्रामीण नदी में पहुंच गए। लेकिन बिना कार्रवाई किए टीम वापस लौट गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।उल्लेखनीय है कि भूजल रिचार्ज नहीं होने के कारण नांगल चौधरी ब्लॉक में पेयजल संकट बना हुआ है। गिरते भूजल पर अंकुश लगाने के मकसद से खंड को डॉर्कजोन घोषित कर दिया गया। जिसमें अनावश्यक पानी बर्बादी और बिजली कनेक्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। लेकिन शहबाजपुर, नोलायजा, दताल, दोस्तपुर, भेडंटी नदी में 20 से अधिक बजरी वाशिंग प्लांट लग गए। जहां बजरी धोने की प्रक्रिया में रोजाना लाखों गैलन पानी बर्बाद हो रहा है। अंधाधुंध पानी बर्बाद होने के कारण नजदीकी गांवों में पेयजल समस्या उत्पन्न हो गई। भेडंटी के सरपंच हरिराम द्वारा सीएम विंडो पर कंप्लेंट दर्ज करवाकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। शिकायत दर्ज होने के 15 दिन बाद खनन विभाग के अधिकारी कृष्णावती नदी में पहुंचे। उन्होंने विभिन्न प्लांटों को चेक किया तथा बिना कार्रवाई किए वापस नारनौल लौट गए। जिससे एकत्रित ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के चलते विभागीय अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे।
विरोध करने पर मिलती है धमकी
भेडंटी के सरपंच हरिराम ने बताया कि नामजद बजरी वाशिंग प्लांट संचालकों को अवैध खनन व जलदोहन बंद करने का आग्रह किया गया था। जिससे तिलमिलाए संचालक जानलेवा धमकी देनी शुरू कर दी। जिनके खिलाफ सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज है।
24 बजरी वाशिंग प्लांट मिले हैं
विभाग के निरीक्षक सुभाषचंद ने बताया कि शिकायत के मुताबिक कृष्णावती नदी का जायजा लिया गया। इस दौरान 24 बजरी वाशिंग प्लांट चालू मिले हैं। जिनकी फोटो व रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। उनके आदेशानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।