जिले में घटते लिंगानुपात के चलते स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पिछले साल लिंगानुपात का आंकड़ा 810 तक पहुंच गया था लेकिन इस साल अब तक 735 के आसपास चल रहा है। इससे अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है।
शनिवार को एमटीपी किट की धरपकड़ के लिए छापामार कार्रवाई की गई। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिले की स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने शनिवार को गांव निवाजनगर में एमटीपी किट की बिक्री की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे। इस छापामार टीम में जिला औषधि नियंत्रक अधिकारी, डॉ. मोनिका एलएमओ, डॉ. जितेंद्र जिला टीबी अधिकारी शामिल थे। डीसीओ ने बताया की पिछले काफी समय से निवाजनगर में एमटीपी किट व मेडिकल इंटोक्सिकैंटस बिकने की शिकायत मिल रही थी। इसी के तहत यह कार्रवाई की गयी है।
शनिवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम सीआईए की टीम के साथ निवाजनगर पहुंची। यहां पर तीन दुकानें खुली थी जबकि एक दुकान बंद थी। तीनों दुकानों पर बोगस ग्राहक भेज कर किट मांगी गई लेकिन उन्हें यहां कुछ नहीं मिला।
सिविल सर्जन डा. अशोक ने बताया की पिछले कुछ समय से निवाजनगर में गर्भपात की दवा एमटीपी किट की बिक्री की सूचना मिल रही थी। जिसके मद्देनजर यह कार्रवाई की गई है, जो भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया की हमारी प्राथमिकता जिले का लिंग अनुपात गत वर्ष से ऊपर कम से कम 850 तक ले जाने की है।