पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। आगजनी व तोड़फोड़ के फाइल फोटो।
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हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अग्निपथ योजना के विरोध में 18 जून को प्रदर्शन के दौरान रेलवे में आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में जीआरपी ने चार आरोपियों को नारनौल सीजेएम कीर्ति जैन की अदालत में पेश किया। न्यायालय ने सभी आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। इन सभी आरोपियों की पहचान आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज व अन्य वीडियो के माध्यम से की थी।
युवा 18 जून को अग्निपथ योजना के विरोध में शहर राव तुलाराम चौक पर एकत्रित होकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन तक पहुंचे थे। इस दारौन करीब 400 युवाओं ने करीब एक दर्जन दुकानों व शोरूमों साथ-साथ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ व आगजनी की थी।
शहर में 9 घंटे यातायात सहित अन्य सेवाएं भी ठप थी। युवाओं ने रेलवे स्टेशन पर एक गाड़ी व जनरेट सेट को आग लगा दिया था। वहीं तकनीकी शाखा में रखे हुए डीजल के ड्रम व अन्य उपकरणों को उठाकर ट्रैक पर फेंक दिया था जिससे रेल यातायात तीन घंटे बाधित रहा था।
मामले में आरपीएफ ने 18 युवाओं की पहचान की है। इससे पूर्व 14 युवाओं को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
18 जून को प्रदर्शन के दौरान रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में अभी तक 18 युवाओं की पहचान की जा चुकी है। चार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा चुका है। सीसीटीवी फुटेज व वीडियो के माध्यम से अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
- रमेश कुमार, आरपीएफ चौकी प्रभारी महेंद्रगढ़