फाग के दिन नियामतपुर में पंचायत चुनाव के दौरान हुई चुनावी रंजिश को लेकर डीजे बजाने पर दो गुट भिड़ गए। इसमें करीब 23 लोग घायल हो गए। उन्हें नारनौल और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल पहुंचे एसएचओ को स्थिति काबू करने के लिए नारनौल से अतिरिक्त पुलिस बल मंगवाना पड़ा। गांव नियामतपुर में पंचायत समिति के उप चेयरमैन माहीराम की ओर से डीजे बजाया गया था। इसी डीजे की सरपंच गुट ने बुकिंग कर रखी थी। लेकिन पंस उपाध्यक्ष की जश्न में डीजे को अधिक समय लग गया। निर्धारित समय पर डीजे नहीं पहुंचने के कारण सरपंच गुट आक्रोशित हो गया और डीजे संचालक के साथ मारपीट कर दी। पंस उपाध्यक्ष दोनों पक्षों को समझाने घटना स्थल पहुंच गए। लेकिन उन्हें देखकर मामला और भड़क गया।
कुछ लोगों ने उपाध्यक्ष माहीराम के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों पक्षों में करीब आधे घंटे तक जमकर लाठी-पत्थर बरसे। पथराव में दोनों पक्षों के करीब 18 लोग घायल हो गए। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नांगल चौधरी में भर्ती कराया गया। गंभीर चोट होने के कारण आधा दर्जन घायलों को रेफर कर दिया। सुबह करीब 10 बजे दोनों गुटों में दुबारा कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दनादन पत्थर बरसने आरंभ हो गए। सूचना पाकर थाना प्रभारी घटना स्थल पहुंच गए, लेकिन स्थिति बेकाबू होने के कारण उन्होंने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी। इसके बाद 11.30 बजे नारनौल से डीएसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल घटना स्थल पहुंची। चारों ओर से पुलिस का घेराव देखकर दोनों गुटों ने पथर बंद कर दिया, लेकिन तब तक पांच लोग जख्मी हो चुके थे। जानकारी के मुताबिक 6 घायलों की हालात चिंताजनक बनी हुई है।
गांव में धरा रह गया रंग-गुलाल
ग्रामीणों ने बताया कि होली रंगों का उत्सव है। इस दिन आपसी वैरभाव भूलकर दोस्ती करने की परंपरा है, लेकिन चुनावी रंजिश के कारण होली का त्योहार मातम में बदल गया। गांव में रंग नहीं पत्थर बरसे हैं। उन्होंने कहा कि परिणाम के बाद चुनाव को भूल जाना चाहिए। विजेता प्रतिनिधि को भी विरोधी से प्रेमभाव बढ़ाना चाहिए। तभी शांति एवं विकास संभव होगा।
पथराव में दोनों गुटों के घायल
दो गुटों के झगड़े में पूर्णचंद, मुखराम, सुरेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, हंसराज, माहीराम, गोपीचंद, महेश, मनोहरलाल, ओमप्रकाश, विनोद, ताराचंद आदि घायल हो गए।
दोषियों पर होगी कार्रवाई लड़ाई शांत होने के बाद दोनों गुटों के मुखियाओं से संपर्क करने की कोशिश की गई। किंतु मोबाइल स्विच बंद होने के कारण सफलता नहीं मिली। एसएचओ राजकरण ने बताया कि गांव में अब शांति है, अभी पुलिस घटना स्थल पर मौजूद है। शिकायतों के मुताबिक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।