जिले के पुलिस जवानों को सादी वर्दी में जाकर बहरोड़ के पास एक व्यक्ति को पकड़ना महंगा पड़ा। व्यक्ति को पकड़ने पर वहां लोग एकत्र हो गए और हंगामा किया और बहरोड़ पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलने पर यहां के पुलिस अधिकारियों ने राजस्थान पुलिस से संपर्क साधा। जिसके बाद पुलिस जवानों को नारनौल लाया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने टीम की पिटाई भी की।
रविवार को नारनौल पुलिस की एक टीम सादी वर्दी में राजस्थान के बहरोड़ जासावास मोड़ पर एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति ने शोर मचाया तो आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई। पुलिस टीम के सदस्य किसी प्रकार की पहचान लोगों को नहीं दे पाए। वहीं लोकल पुलिस नहीं होने के कारण लोगों ने उन्हें बंदी बना लिया। टीम में साइबर सेल के इंचार्ज, महिला थाने की एएसआई, सिपाही, पुलिस एडीए के रीडर सहित छह लोग शामिल थे। बताया जा रहा है कि पुलिस अपने साथ महेंद्रगढ़ नंबर की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी भी साथ लेकर गई थी।
-पकड़े गए व्यक्ति ने मचाया शोर
यहां की पुलिस ने जिस व्यक्ति को जासावास मोड़ पर पकड़ा तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसके बाद लोगों की भीड़ वहां पर एकत्रित हो गई व जब लोगों ने उनसे पूछा कि आप कौन हो व इस व्यक्ति को क्यों पकड़ रखा है, तो पुलिस की टीम ने कहा कि हम नारनौल की सीआईए टीम से हैं। वहीं दूसरे पुलिस कर्मचारी ने बताया कि वे स्पेशल स्टाफ की टीम से है। तो लोगों का शक बढ़ गया और लोगों ने इनको बंधक बना लिया। लोगों ने टीम के एक-एक सदस्य से पूछा तो उन्होंने बताया कि ये चोर है चोरी की गाड़ी लेकर भाग रहे थे। जिनको हमने पकड़ लिया। वहीं दूसरे सदस्य ने बताया कि वे नकली घी की फैक्ट्री पकड़ने के लिए आए हैं। जिससे लोगों का शक और बढ़ गया।
बहरोड़ पुलिस को दी घटना की जानकारी
घटना की जानकारी लोगों ने बहरोड़ पुलिस को दी। जिसके बाद सूचना पाकर बहरोड पुलिस मौके पर पहुंची व लोगों को समझा बुझाकर नारनौल पुलिस की टीम को थाने ले गई। वहीं गाड़ियों को क्रेन के माध्यम से उठा कर थाने ले जाया गया।
मेरे क्षेेत्र में इस तरह की घटना होना सामने नहीं आया है। न ही किसी ने इस बारे में कोई सूचना नहीं दी।
-परमार गुर्जर, डीएसपी कम सीओ राजस्थान पुलिस बहरोड़
पुलिस ने इस बारे में लोकल पुलिस को सूचित किया था व थाने में भी एंट्री करवाई थी। पुलिस ने डीडीआर नंबर भी कटवाए थे। टीम धौलेड़ा लूट के मामले में पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए राजस्थान के एक गांव में गई थी। वहां पर लोकल लोगों ने हंगामा किया। लेकिन पुलिस की सहायता से मामला सुलझा लिया गया। -नरेश कुमार, पुलिस प्रवक्ता नारनौल पुलिस