महावीर पुलिस चौकी ने मंगलवार रात को नारनौल बाईपास नांगतिहाड़ी से दिल्ली के मुंढका से 24 फरवरी को चोरी हुई कार को बरामद करने सफलता हासिल की है। मंगलवार रात को महावीर पुलिस चौकी के एएसआई रणवीर को गुप्त सूचना मिली कि 3-4 लड़के नारनौल बाईपास से चोरी की फारच्यूनर गाड़ी कही लेकर जा रहे हैं। जिस पर महावीर चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस गाड़ी का पीछा करने लगी। थोड़ा आगे जाकर चोरी की कार पंचर हो गई। गाड़ी में सवार युवक पंचर बनवा रहे थे।
इस दौरान पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जब उनसे गाड़ी के कागजात मांगे तो वे भागने लगे। पुलिस ने मामले में राहुल चौधरी पुत्र चंदन सिंह निवासी सुभाष नगर, पारुल पुत्र सुभाष निवासी विकास नगर, अरुण पुत्र डाक्टर रोहताश निवासी मोडावाला मंदिर नारनौल को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उनका एक साथी मनीष फौजदार निवासी मिश्रवाड़ा भागने में कामयाब हो गया। पुलिस ने इन सभी से पूछताछ की तो उन्होंने बताया की यह गाड़ी उनके दोस्त अमित गुलिया की है, जोकि करीब एक वर्ष से उन्हें जानता है और करीब 7-8 दिन पहले ही यह गाड़ी उन्हें देकर गया है। उन्हें नहीं पता था कि अमित एक खतरनाक अपराधी है उसने यह गाड़ी अरुण के घर पर छुपा कर रखी थी। जिसे वे कही लेकर जा रहे थे।
वहीं महावीर चौकी पुलिस ने जब दिल्ली के मुंढका थाने से संपर्क किया तो उन्होंने बताया की उक्त गाड़ी 24 फरवरी को यही से लूटी गई थी। वहीं गाड़ी को लुटने वाला लड़वा जिला झज्जर निवासी अमित गुलिया है। जिस पर एक लाख रुपये का इनाम भी है। इसके अलावा अमित गुलिया के खिलाफ दिल्ली, बहादुरगढ़, नजफगढ़ थानों में 5 हत्या और लूट, डकैती और चोरी के 2 दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज है। दिल्ली पुलिस को कई दिनों से इसकी तलाश में लगी हुई है। पुलिस ने सभी दोषियों के खिलाफ चोरी की गाड़ी खरीदने पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया है। उक्त सभी दोषियों को बुधवार को नारनौल न्यायालय में पेश किया गया है। जहां न्यायालय ने तीनों दोषियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर नसीबपुर जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि गाड़ी चोरी मामले का आरोपी मनीष फौजदार पुलिस की गिरफ्त से अभी बाहर है।