अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में सोमवार को छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुनवाई हुई, जिसमें आरोपियों के मेडिकल करने वाले तीन डॉक्टरों की गवाही हुई। दूसरी ओर कोर्ट ने डॉ. संजीव की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अब मामले की सुनवाई चार दिसंबर को होगी।
न्यायाधीश अनिल कुमार की विशेष कोर्ट में सोमवार को पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी निशु, पंकज फौजी, मनीष, कोठड़े का मालिक दीनदयाल व डॉ. संजीव को कोर्ट में पेश किया। इसके अलावा जमानत पर चल रहे निक्कू उर्फ नवीन, मंजीत व अभिषेक भी कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में पहले आरोपी डॉ. संजीव की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी दलीलें दी।
पीड़ित छात्रा के वकील कर्ण सिंह यादव ने बताया कि डॉ. संजीव की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। आरोपी डॉ. संजीव के वकील अरविंद यादव ने कहा कि जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। इसके बाद कोर्ट में आरोपियों के मेडिकल करने वाले डॉ. आशीष राव, डॉ. नवीन अग्रवाल व डॉ. सुनीता यादव की गवाही हुई। इस दौरान डॉ. रेणु की किसी कारणवश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही नहीं हो सकी। जिसे कोर्ट ने चार दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। चार दिसंबर को अन्य गवाहों को बुलाया गया है। इस दौरान कोर्ट के बाहर पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजाम रहे।
ये है मामला
बता दें कि 12 सितंबर को कनीना में रेवाड़ी की छात्रा से तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। एसआईटी ने मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें मुख्य आरोपी निशु, पंकज फौजी व मनीष है। इनके अलावा मामले में दीनदयाल, डॉ. संजीव, निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक और मंजीत भी आरोपी शामिल है। इनमें से आरोपी नवीन, मंजीत और अभिषेक को जमानत मिल चुकी है।