फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना सिग्नल की रेड हुई फेल, कॉल डिटेल पर आ

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़/सतनाली। रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस ने संयुक्त रूप से सतनाली के एक निजी अस्पताल में छापेमारी की। लेकिन, सिग्नल मिले बिना कार्रवाई करने से ये फेल हो गई। अब टीम कार्रवाई के लिए आरोपियों से हुई बात की कॉल डिटेल को आधार बनाने की कोशिश में है। टीम ने दलाल और चिकित्सक दोनों के मोबाइल पुलिस को सौंप दिए हैं। अब पुलिस उनकी बातचीत का ब्योरा निकालेगी। देर रात पुलिस ने डिप्टी सीएमओ अशोक की शिकायत पर महिला दलाल और उसके पुत्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।
जिला उपायुक्त रेवाड़ी के पास शिकायतें पहुंच रही थीं कि कनीना में रहने वाली एक सेवानिवृत्त नर्स कृष्ण और उसका पुत्र सतीश उर्फ सोनू भ्रूण लिंग जांच करवाते हैं। इसके बाद उपायुक्त ने कार्रवाई के लिए एक टीम गठित कर दी। इस टीम में अपर डिप्टी सीएमओ सरबजीत, एसएमओ विजय प्रकाश, सीडीपीओ (शहरी) शालू यादव, आशा वर्कर्स की जिला संयोजक सुनीता यादव को शामिल किया गया। टीम ने डिकॉय पेंशेंट को कनीना की दलाल के पास भेज दिया। उसके साथ सिविल ड्रेस में लेडीज पुलिसकर्मी पपीता यादव भी थीं। उन्होंने बताया लेडीज पुलिस ने महिला दलाल को 500-500 रुपये के तीस हजार रुपये दिए। दलाल महिला और उसके पुत्र ने चतुराई दिखाते हुए 30 हजार रुपये अपने घर पर रख लिए। इसके बाद लगभग डेढ़ बजे सतनाली के निजी अस्पताल के डाक्टर से बात कर वहां के लिए डिकॉय पेंशेंट और लेडीज पुलिस के साथ चल दी। दलाल महिला का पुत्र भी उनके साथ था। दलाल ने अस्पताल में जाकर 600 रुपये की पर्ची कटवाई। कुछ समय बाद टीम ने रेड कर दी। विभाग ने रेड बिना किसी सिग्नल के और इतनी जल्दबाजी में कर दी कि तब तक डिकॉय पेशेंट की जांच तक नहीं हुई थी। रेड के दौरान पुलिस ने नोट चेक किए तो वे भी आरोपियों के पास नहीं मिले।
विज्ञापन

ऐसे हुई रेड असफल
दलाल और उसका पुत्र, डिकॉय पेशेंट और लेडीज पुलिस दोपहर बाद कार से कनीन से सतनाली निजी अस्पताल के लिए निकले थे। टीम भी उनके पीछे थी। दलाल और उसके बेटे ने लगभग 2.30 घंटे तक गाड़ी को घूमाया। इसके बाद दलाल सतनाली के निजी अस्पताल पहुंचे। दलाल की गाड़ी ओझल होने के बाद कुछ देर तक टीम ने उन्हें तलाश किया। इस दौरान वे उसी निजी अस्पताल में पहुंच गए, जहां दलाल डिकाय पेशेंट का चेकअप करवाना चाह रही थी। टीम को किसी प्रकार का कोई इशारा भी नहीं मिला था। टीम के पहुंचने तक पेशेंट का चेकअप तक नहीं हुआ था। निजी अस्पताल से पेशेंट के नाम की स्लिप, पेशेंट की आईडी और एक अन्य आईडी वहां से मिली।
विज्ञापन


निजी अस्पताल से पेशेंट के नाम की स्लिप के साथ दूसरी आईडी संलग्न की हुई मिली है। उसकी आईडी भी उसने दी है। निजी अस्पताल के चिकित्सक औश्र दलाल के मोबाइल पुलिस को दे दिए हैं। आगे की कार्रवाई सिविल सर्जन नारनौल कर रहे हैं।
-विजयप्रकाश, एसएमओ रेवाड़ी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें